कई सालों से स्वच्छता में नंबर-1 रहा इंदौर अब भिखारियों को साफ करने जा रहा है. 1 जनवरी 2025 से भीख देने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा. इंदौर में भीख मांगने पर प्रतिबंध लगाने वाला आदेश पहले ही जारी किया जा चुका था. इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया था कि अगर 1 जनवरी से कोई व्यक्ति भीख देते हुए मिलता है, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी.
सिर्फ इंदौर ही नहीं, देश के कई शहरों को भिखारियों से फ्री करने की कवायद की जा रही है. वैसे तो भारत में भीख मांगना अपराध माना जाता है, लेकिन अदालतें इस पर प्रतिबंध लगाने से साफ मना कर चुकी हैं.
जुलाई 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने भीख मांगने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये आर्थिक-सामाजिक समस्या है. कोर्ट ने कहा था कि पढ़ाई-लिखाई न होने और नौकरी न मिल पाने के कारण लोग भीख मांगने को मजबूर होते हैं.
इससे पहले 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस पर प्रतिबंध लगाने से मना कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि भीख मांगने को अपराध बनाने से कुछ सबसे कमजोर लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा. हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था, ‘लोग सड़कों पर भीख इसलिए नहीं मांगते क्योंकि ये उनकी मर्जी है. बल्कि इसलिए मांगते हैं क्योंकि ये उनकी जरूरत है. अपनी जिंदगी चलाने के लिए उनके पास भीख मांगना है आखिरी उपाय है.’
भिखारियों पर क्या कहते हैं आंकड़े?
– कितने भिखारीः 2011 की जनगणना के मुताबिक, देशभर में 3.72 लाख से ज्यादा भिखारी हैं. इनमें 1.97 लाख पुरुष और 1.74 लाख महिलाएं हैं. इनमें 55 हजार से ज्यादा ऐसे लोग भीख मांगते हैं, जिनकी उम्र 19 साल से भी कम है. तकरीबन 1.43 लाख से ज्यादा भिखारी ऐसे हैं जो 60 साल के पार हैं.
– कहां-कितने भिखारीः देश में सबसे ज्यादा भिखारी पश्चिम बंगाल हैं. पश्चिम बंगाल में भिखारियों की संख्या 81,244 है. दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है जहां 65,835 भिखारी हैं. इनके अलावा आंध्र प्रदेश में 30 हजार 218, बिहार मे 29 हजार 723, मध्य प्रदेश में 28 हजार 695 और राजस्थान में 25 हजार 853 भिखारी हैं. राजधानी दिल्ली में भिखारियों की संख्या 2,187 है.
– किस धर्म के कितने भिखारीः भीख मांगने वालों में करीब 72 फीसदी यानी 2.68 लाख हिंदू हैं. इसके बाद 25 फीसदी यानी 92,760 मुस्लिम हैं. इस हिसाब से भीख मांगने वाला हर चौथा व्यक्ति मुस्लिम है. भीख मांगने वाले मुस्लिमों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या ज्यादा है.
– कितने पढ़े-लिखे भिखारीः भीख मांगने वालों में 2.92 लाख ऐसे हैं, जो अनपढ़ हैं. वहीं, तीन हजार से ज्यादा भिखारी ऐसे हैं जिनके पास कोई डिप्लोमा या डिग्री है.
क्या भीख मांगना अपराध है?
फिलहाल, भारत में भीख मांगने से रोकने को लेकर कोई केंद्रीय कानून नहीं है. हालांकि, 1959 का बॉम्बे प्रिवेन्शन ऑफ बेगिंग एक्ट 20 से ज्यादा राज्यों में लागू है. राजधानी दिल्ली में भी.
ये कानून भीख मांगने को अपराध बनाता है. ये कानून सिर्फ सड़कों पर भीख मांगने को ही अपराध नहीं बनाता. बल्कि, अगर आप किसी भी सार्वजनिक जगह पर डांस करके, गाना गाकर, कोई चित्रकारी करके, कोई करतब दिखाकर या किसी भी तरह से ऐसा कुछ करते हैं जिसके बदले आपको लोगों से पैसे मिलते हैं, उसे भी ‘भीख’ मानता है.
अगर कोई व्यक्ति भीख मांगते हुए पकड़ा जाता है तो उसे एक से तीन साल तक बेगर होम में डिटेन करके रखा जा सकता है. अगर वही व्यक्ति दोबारा भीख मांगते हुए पकड़ा जाता है तो फिर 10 साल तक उसे हिरासत में रखा जा सकता है. इतना ही नहीं, भीख मांगने पर पुलिस बिना किसी वारंट के भी गिरफ्तार कर सकती है.
इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी 1975 से कानून है. ये कानून निजी जगहों पर भीख मांगने को अपराध मानता है. प्राइवेट प्लेस में भीख मांगने वाले व्यक्ति को पुलिस बिना किसी वारंट के गिरफ्तार कर सकती है. हालांकि, इसमें पेंच ये है कि अगर कोर्ट को लगता है कि व्यक्ति भीख नहीं मांग रहा था तो उसे छोड़ दिया जाता है, लेकिन अगर ये पाया जाता है कि वो भीख मांग रहा था तो उसे फिर सजा सुनाई जाती है.
रेलवे स्टेशन पर भी भीख मांगना अपराध
रेलवे एक्ट के तहत रेलवे स्टेशन पर भी भीख मांगना अपराध है. रेलवे एक्ट की धारा 144 के तहत, रेलवे स्टेशनों या प्लेटफॉर्मों पर भीख मांगना अपराध है.
इस धारा के तहत ऐसा करने पर दोषी पाए जाने पर एक साल तक की कैद या दो हजार रुपये जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है.
बच्चों से भीख मंगवाना बड़ा अपराध
भारत में बच्चों से भीख मंगवाना बड़ा अपराध है और ऐसा करने पर तीन साल तक की जेल हो सकती है. जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बच्चों या किशोरों से भीख मंगवाना या ऐसा करने के मकसद से काम पर रखना अपराध है.
इस कानून में प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति बच्चों या किशोरों से भीख मंगवाता है या ऐसा करने के मकसद से उसे काम पर रखता है तो दोषी पाए जाने पर उसे तीन साल तक की कैद हो सकती है. साथ ही उसपर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.