संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित होने के कुछ ही घंटों बाद, केरल के मुनंबम में वक्फ के कथित दावे वाली भूमि से जुड़े विवादों का सामना कर रहे 50 लोग शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अन्य नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए.
इससे पहले, चंद्रशेखर के नेतृत्व में राजग के नेताओं ने शुक्रवार को मुनंबम निवासियों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके राजस्व अधिकार सुरक्षित होने तक भाजपा नीत राजग उनका समर्थन करेगा. कैथोलिक चर्च द्वारा समर्थित स्थानीय लोग पिछले 174 दिनों से अपनी उन संपत्तियों पर राजस्व अधिकार पाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिन पर वक्फ बोर्ड कथित तौर पर दावा करता है.
इन लोगों को उम्मीद है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक के पारित होने से भूमि पर वक्फ बोर्ड के दावे का अब समाधान हो जाएगा. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करने के लिए उनसे मुलाकात कराने का राजग नेताओं से अनुरोध किया. इस पर, भारत धर्म जन सेना (बीडीजेएस) के नेता तुषार वेल्लपल्ली के साथ मौजूद चंद्रशेखर ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह मुलाकात का समय मांगने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से संपर्क करेंगे.
पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘अब हमारे पास आपके लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने का अवसर है. जब तक आपके राजस्व अधिकार बहाल नहीं हो जाते, हम आपके साथ खड़े रहेंगे.’’ इस बीच, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने आरोप लगाया कि अभी तक किसी ने यह नहीं कहा है कि मुनंबम मुद्दा, वक्फ (संशोधन) विधेयक,2025 के पारित होने से सुलझ जाएगा.
सतीशन ने संवाददाता सम्मेलन में सवाल किया कि क्या वक्फ विधेयक पारित हो जाने से वास्तव में मुनंबम के लोगों की समस्याओं का समाधान हो जाएगा? उन्होंने कहा कि मुनंबम में विरोध प्रदर्शन गलतफहमी के कारण शुरू हुआ. एर्नाकुलम जिले के चेराई और मुनंबम गांवों के लोगों ने आरोप लगाया है कि वक्फ बोर्ड उनकी भूमि और संपत्ति पर स्वामित्व का अवैध रूप से दावा कर रहा है.