Maha Shivratri: महाशिवरात्रि से पहले द्वारका के प्राचीन मंदिर से शिवलिंग चोरी 

गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में समंदर किनारे स्थित एक प्राचीन मंदिर से शिवलिंग चोरी होने की घटना सामने आई है. यह घटना महाशिवरात्रि से एक दिन पहले मंगलवार को हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और शिवलिंग की तलाश के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं. यह घटना श्री भिडभंजन भवानीश्वर महादेव मंदिर में हुई, जो अरब सागर के किनारे कल्याणपुर में स्थित है और प्रसिद्ध हरसिद्धि माताजी मंदिर के पास है.

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कैसे हुआ चोरी का खुलासा?

मंदिर के पुजारी रोज की तरह जब पूजा करने पहुंचे तो मंदिर का दरवाजा खुला मिला. अंदर जाकर देखा तो शिवलिंग अपनी जगह से गायब था. पुजारी ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी.

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमों को जांच में लगाया है. स्थानीय क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को जांच में शामिल किया गया है. डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है.

पुलिस अधिकारी आकाश बरसैया ने बताया कि मंदिर में बाकी सभी सामान अपनी जगह पर था. कुछ ही दूरी पर समुद्र किनारे शिवलिंग का आधार (बेस) बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस को शक है कि शिवलिंग को समुद्र में फेंका गया हो सकता है. इसकी तलाश के लिए स्कूबा डाइवर्स को बुलाया गया है.

FIR दर्ज, शिवलिंग की तलाश जारी

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और जल्द से जल्द शिवलिंग की बरामदगी के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है.

भक्तों में गुस्सा

यह घटना महाशिवरात्रि से ठीक एक दिन पहले हुई, जब बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं. शिवलिंग को भगवान शिव की दिव्य ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और इसे सृष्टि, संरक्षण और संहार का प्रतीक भी कहा जाता है. मंदिर कई सदियों पुराना बताया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी है. शिवलिंग की चोरी से स्थानीय लोगों और भक्तों में नाराजगी है, और वे जल्द से जल्द शिवलिंग मिलने की उम्मीद कर रहे हैं.

 

 

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