एक गलती ने ले ली जान! आम का चूरन समझ खा ली चूहे मारने की दवा, नविवाहिता की मौत

बिना देखे-समझे कागज में लिपटे पाउडर नुमा चूरन को खाने वाले सावधान हो जाइए. कहीं वह जहर तो नहीं है, क्योंकि आपकी एक छोटी सी गलती आपको मौत के मुंह में डाल सकती है. जबलपुर के हनुमान ताल थाना क्षेत्र के मंडी मदार टेकरी इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई. यहां आम का चूरन समझकर चूहे मारने की दवाई खा लेने से 22 वर्षीय नवविवाहिता की मौत हो गई. मृतका की पहचान सना बानो के रूप में हुई, जो तीन साल पहले हनुमानताल थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक के साथ विवाह बंधन में बंधी थी.

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पूछताछ के दौरान परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतका सना बानो अक्सर आम का चूरन खाती थी और इसी आदत के चलते उसने गलती से कागज में लिपटी हुई चूहे मारने की दवा का सेवन कर लिया. जहरीला पदार्थ शरीर में जाने के बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी. परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन 48 घंटे के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई.

आम का चूरन समझकर चूहे मारने की दवा खाई

इलाज के दौरान तहसीलदार और महिला पुलिस अधिकारी ने सना बानो के बयान दर्ज किए थे, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने आम का चूरन समझकर गलती से चूहे मारने की दवाई खा ली थी. डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किया, लेकिन विषैले पदार्थ के असर से उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया.

घटना की जानकारी मिलते ही हनुमानताल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. थाना प्रभारी धीरज राज के अनुसार, शुरुआती जांच में यह हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है. परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था.

पुलिस घटना की जांच में जुटी

सना बानो की मौत के बाद परिवार में गम का माहौल है. परिजनों ने बताया कि वह आमतौर पर आम का चूरन खाया करती थी और संभवतः इसी वजह से उसने अनजाने में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया. घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया, “मृतका के बयान और परिवारजनों की जानकारी के आधार पर यह हादसा प्रतीत हो रहा है. हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.”

यह घटना एक चेतावनी है कि किसी भी अनजान पदार्थ को खाने से पहले पूरी तरह से जांच परख कर लेना जरूरी है. खासतौर पर पाउडर या चूर्ण जैसी वस्तुओं को सही तरीके से स्टोर करने और उन पर स्पष्ट लेबल लगाने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके. इस घटना से सीख लेते हुए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

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