महाशिवरात्रि को लेकर देशभर के शिव मंदिरों में लोगों का तांता लगा हुआ है, काशी विश्वनाथ, प्रयागराग, अयोध्या, नासिक, देवघर से लेकर उज्जैन तक मंदिरों में भक्त बम-बम भोले के जयकारे लगा रहे हैं. आधी रात से ही भोलेनाथ की भक्ति में श्रद्धालु डूबे हुए हैं. दरअसल, महाशिवरात्रि का अर्थ है कि ये भगवान शिव की रात है. इस दिन भोलेनाथ और देवी पार्वती का विवाह हुआ था. मान्यता है कि सृष्टि का प्रारम्भ इसी दिन से हुआ है. साथ ही साथ शिव का प्राकट्य आज के दिन ही हुआ. भगवान प्रकाश-लिंग के रूप में प्रकट हुए थे.
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर मंगला आरती हुई है और भक्तों के लिए कपाट खोले गए हैं. वहीं, उज्जैन में महाकाल के मंदिर में भस्म आरती की गई. महाशिवरात्रि पर भक्तों ने महाकाल मंदिर में भजन-कीर्तन किया है और हर हर महादेव का जयघोष सुनाई दे रहा है.
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ का आज आखिरी दिन है और श्रद्धालु पावन स्नान करने के लिए उमड़े हैं. वहीं, झारखंड के देवघर में भक्तों की भीड़ उमड़ी है. बाबा बैद्यनाथ के मंदिर में दर्शन के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं. अयोध्या में भी श्रद्धालु सरयू में पवित्र स्नान कर रहे हैं. श्रद्धालु गुजरात, हैदराबाद, बंगाल समेत तमाम राज्यों से यहां पहुंचे हैं. स्नान करने के बाद वे रामलला के दर्शन कर रहे हैं.
देश के इन मंदिरों में भी उमड़े भक्त
- लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर में महादेव के दर्शन के लिए लगी भक्तों की भीड़ उमड़ी है.
- दिल्ली के चांदनी चौक में गौरी शंकर मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे हैं.
- कोलकाता में महाशिवरात्रि से एक दिन पहले से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी. भूतनाथ मंदिर मे दर्शन के लिए लोग पहुंचे.
- भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर में जश्न का माहौल है. श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर रहे हैं.
- नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में भक्तों की भीड़ है. हर हर महादेव के जयघोष लगाकर बाबा के दर्शन कर रहे हैं.
- काठमांडु के पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ है. भारतीय सेना के 6 पूर्व प्रमुखों ने पूजा की.
महाशिवरात्रि का क्या है महत्व?
महाशिवरात्रि पर व्रत, उपवास, मंत्र जाप और रात्रि जागरण का महत्व है. ये फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाई जाती है. इस दिन तत्काल प्रसन्न होने वाले भगवान शिव के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. भगवान के जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक का विधान है. साथ ही साथ धतूरा, बिल्वपत्र, रुद्राक्ष, भस्म, गंगाजल, फल-फूल से पूजा की जाती है. भोलेनाथ की उपासना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है.
महाशिवरात्रि कैसे होंगे महादेव प्रसन्न?
- स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
- भगवान शिव को जलाभिषेक करें.
- दूध, घी, दही, शहद, जल से अभिषेक.
- सिर्फ जलाभिषेक से भी प्रसन्न होते हैं महादेव.
- धतूरे के फल और भांग चढ़ाने की भी परंपरा.
- शिव महापुराण में बिल्वपत्र अर्पण का विधान.
- पवित्र शिवलिंग का चंदन से तिलक करें.
- ऊं नमः शिवाय या किसी मंत्र का जाप करें.