महाराष्ट्र में पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (पीएमपीएमएल) के लिए काम करने वाली एक महिला बस कंडक्टर ने उप मुख्य प्रबंधक संजय कुसलकर के दफ्तर के अंदर आत्मदाह का प्रयास किया. महिला कंडक्टर का आरोप था कि कुसलकर की ओर से यौन संबंधों की कथित मांग को पूरा करने से इनकार करने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया था.
सूत्रों के अनुसार, कथित उत्पीड़न और उसके बाद निलंबन से व्यथित महिला ने हताशा में कुसलकर के केबिन के अंदर अपने ऊपर एक ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. हालांकि, स्टाफ सदस्यों और सुरक्षा कर्मियों के समय पर हस्तक्षेप ने बड़ी दुर्घटना को रोक दिया गया.
किसी विवाद या मांग को लेकर सरकारी दफ्तर में आत्मदाह का ये कोई पहला मामला नहीं है. बीते साल उत्तर प्रदेश के मेरठ इलाके में एक किसान ने एसडीएम ऑफिस के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की थी. अधिकारियों ने बताया कि 53 साल के एक किसान ने मवाना में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के कार्यालय के सामने खुद को आग लगाने की कोशिश की. अधिकारियों ने कहा कि किसान की पहचान अलीपुर मोरना गांव निवासी जगबीर के रूप में हुई, जिसे इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया था.
मालूम हुआ कि मामला वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने से जुड़ा हुआ था. किसान ने दावा किया था कि उसे गलत तरीके से एक जमीन से हटा दिया गया और इस कार्रवाई का विरोध करते हुए उसने आत्मदाह करने की कोशिश की.