‘आत्मजागृति की रात्रि है महाशिवरात्रि’ – ईशा फाउंडेशन के उत्सव में बोले अमित शाह…

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि उत्सव को संबोधित किया. अपने भाषण में उन्होंने महाशिवरात्रि की महत्ता और भगवान शिव के कल्याणकारी स्वरूप पर जोर दिया. इस मौके पर सद्गुरु जग्गी वासुदेव की मौजूदगी ने उत्सव में और भी चार चांद लगाए, जहां हजारों श्रद्धालु भक्ति में लीन थे.

Advertisement

अमित शाह ने देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल एक उत्सव नहीं बल्कि आत्मजागृति की रात्रि है. उन्होंने भगवान शिव को संहारक और पालनकर्ता बताया और कहा कि शिव हमारे अस्तित्व का मूल आधार हैं. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व योग दिवस के माध्यम से योग को वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध करने और सद्गुरु द्वारा आदियोगी के माध्यम से योग को नया रूप देने की सराहना की.

ईशा योग केंद्र की अमित शाह ने की सराहना

अमित शाह ने कहा कि ईशा योग केंद्र योग, साधना, भक्ति, आत्मज्ञान और मुक्ति का केंद्र बनकर उभरा है. उन्होंने आदियोगी की 112 फीट की भव्य प्रतिमा का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमारी आध्यात्मिक यात्रा के 112 मार्गों की अनुभूति कराती है, जो हमें शिवत्व की ओर निर्देशित करती है.

सद्गुरु विज्ञान और अध्यात्म को एक साथ लाए!

सद्गुरु और उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए, अमित शाह ने कहा कि सद्गुरु ने विज्ञान और अध्यात्म को एक साथ लाकर यह सिद्ध किया है कि ध्यान, ऊर्जा और चेतना की अवस्थाएं कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि मूलभूत विज्ञान हैं. इस अवसर पर उन्होंने तमिल संस्कृति के योगदान को भी सराहनीय बताया, जो भारत के आध्यात्मिक इतिहास की एक अद्वितीय विरासत है.

अमित शाह के अनुसार, ये महाशिवरात्रि उत्सव भक्ति और श्रद्धा का एक अनूठा उदाहरण है, जिसमें असली अर्पण हमारे भक्ति के प्रति समर्पण में है. उन्होंने सद्गुरु को राष्ट्र की संपत्ति और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक बताया.

Advertisements