छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव समाप्त हो चुका है। अब फिर से मौसम में बदलाव की संभावना है।
शुक्रवार को तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। गुरुवार न्यूनतम तापमान में वृद्धि नहीं हुई है। हालांकि शनिवार से एक बार फिर रात का पारा बढ़ने की संभावना है। साथ ही अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश में मौसम साफ रहेगा।
3 मार्च तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बदली-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। गायब हो रही हवा से नमीहवा से नमी धीरे-धीरे कम हो रही है। रायपुर में हवा में 41 प्रतिश सुबह और शाम को 26 प्रतिश ही रह गई।
शुक्रवार को रायपुर का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 35 डिग्री और19 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। प्रदेश का अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री रायपुर में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 09.8 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया।
सबसे गर्म रहा रायपुर गुरुवार को प्रदेश में सबसे गर्म रायपुर रहा हैं। रायपुर में दिन का तापमान 35 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक था। वहीं दुर्ग का न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री था। यहां अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर 18.0 डिग्री दर्ज किया गया। राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 34.5 और न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया।
बिलासपुर: विक्षोभ ने बढ़ाई गर्मी, कल से मंडराएंगे बादल
वहीं, न्यायधानी बिलासपुर में मौसम का मिजाज बदला सा है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति बनी है। गर्मी का असर थोड़ा तेज हुआ है। यह स्थिति अभी दो दिनों तक बनी रहेगी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक मार्च से आसमान में बादल मंडराएंगे। तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव संभावित है। वर्षा की संभावना बहुत कम है। गुरुवार को दिनभर बिलासपुर का मौसम शुष्क बना रहा। दोपहर को धूप का असर बुधवार के मुकाबले तेज था।
रात के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की गई। एक दिन पहले जहां अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था तो वहीं आज पारा 33.7 डिग्री पर पहुंच गया। इसी तरह रात में पारा 18 डिग्री से चढ़कर 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में हुए इस बदलाव के कारण आम दिनचर्या में भी परिवर्तन देखने को मिला। शरीर से गर्म कपड़े लगभग गायब हो गए हैं।
घरों में अब बिस्तर से रजाई और कंबल भी कम होने लगे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ठंड कम होने से लोग अब हल्के कपड़ों का उपयोग करने लगे हैं। छत में रखे टंकी का पानी भी ठंडा नहीं हो रहा। गीजर और गर्म पानी का उपयोग कम होने लगा है।