मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में मानवता को झकझोर कर रख देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है. जहां एक कलयुगी बाप ने निर्दयता की सारी सीमाओं को लांघ अपने ही ही मासूम 7 वर्षीय दिव्यांग बेटे को चलती गाड़ी से हाइवे से नीचे फेंक फरार हो गया. जिस पर नज़र पड़ते ही उधर से गुजर रहे राहगीरों ने आस-पास के लोगों को अवगत कराया तो मौके पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. ग्रामीणों ने फ़ौरन इसकी सूचना पुलिस को दी है.
ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचीं पुलिस ने घायल बालक को तत्काल ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया है जहां उसका उपचार जारी है. घायल बालक अपना नाम रौनक तथा पिता व माता का नाम राजेन्द्र और मालती बता पा रहा है. 7 वर्षीय बालक दोनों पैरों से दिव्यांग है, शायद उसकी दिव्यांगता के कारण उसके पिता ने उसे हाइवे से नीचे फेंका दिया, ताकि उसके प्राण पखेरू उड़ जाएंगे, लेकिन एक कहावत है ना कि ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’ सो यह बालक के साथ भी सच साबित हुआ है.
पुलिस की पूछताछ में घायल बालक ने कांपती जुबां से अपना पिता व माता का नाम बताएं जाने के साथ यह भी बताया है कि कलयुगी पिता उसे पिकप से लेकर आया था. देहात कोतवाली क्षेत्र के बरकछा हाइवे से उसे नीचे फेंक फरार हो गया. बालक की चीख पर जुटे लोगों ने पुलिस को सूचना दी है. बुरी तरह से घायल दिव्यांग बालक के मुंह से गांज निकल रहा है. जिसका उपचार जारी है वहीं पुलिस बालक के गांव और उसके पिता की खोजबीन में जुट गई है.