ताले टूटे, घर लुटा, जबलपुर में हाई-प्रोफाइल चोरी, पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश

मध्य प्रदेश : जबलपुर की गढ़ा पुलिस ने तकरीबन 18 लाख रुपए की चोरी की वारदात का खुलासा किया है, जिसे दो मौसेरे भाइयों ने अन्य दो चोरों के साथ मिलकर अंजाम दिया था. 28 फरवरी की रात गिरोह के चारों सदस्यों ने मिलकर गढ़ा थाने से चंद कदमों की दूरी पर रहने वाले अनिल जैन के सुने घर में धावा बोला और सोने चांदी के जेवरों सहित लाखों रुपए कैश चोरी कर फरार हो गए थे.

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अनिल जैन जबलपुर और दमोह के जालौन में खेती करते हैं और दमोह के जालौनस्थित कृषि भूमि पर अक्सर परिवार के साथ जाते हैं. 28 फरवरी को भी अपने घर में ताला लगाकर अनिल जैन दमोह स्थित जालौन गए हुए थे और उनके जाने के बाद आधी रात में अविनाश रैकवार उसके मौसी के लड़के मयंक बर्मन, बरेला के निगरानी बदमाश राजकुमार और अभिषेक प्यासी ने इस वारदात को अंजाम दिया.

अनिल जैन जब 2 मार्च को घर लौटे तो पूरे घर का सामान बिखरा हुआ था दरवाजे पर लगा ताला टूटा हुआ मिला, अलमारी में रखे सोने चांदी के जेवर एवं कैश गायब मिले. इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने जब जांच शुरू की तो क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरा की मदद से कुछ संदिग्ध युवक पहचान में आए जिनमें मुख्य रूप से शातिर चोर अविनाश रैकवार भी सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया. 

पुलिस ने जब संदेह के आधार पर अविनाश रैकवार को हिरासत में लिया तो उसने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना कबूल किया. बहरहाल पुलिस ने चोरी किए गए सोने चांदी के जेवर और कैश बरामद कर लिए हैं। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए चोरों में से अविनाश और मयंक के खिलाफ 25 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वहीं अभिषेक प्यासी अभी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है.

शातिर चोरो को गिरफ्तार करने में सराहनीय भूमिका रही थाना गढ़ा के उप निरीक्षक अनिल कुमार, योगेन्द्र सिंह, गनपतलाल वंशकार, प्रधान आरक्षक अरुण रघुवंशी,हिमलेश बैद्य,प्रेमनारायण रजक, आरक्षक,संतोष जाट,अश्वनी, संजय सनोडिया, संदीप पाल,शैलेन्द्र पटकर बालमुकुंद पटेल,अनिल यादव, दीपक भदौरिया,प्रतीक डहेरिया, मेधा दुबे सभी की सराहनीय भूमिका रही. 
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