छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बड़ी खबर है. यहां बुधवार की रात को कलेक्टर बंगले के पास भीषण आग लग गई.आधीरात लगी इस आग को बुझाने के लिए मौके पर पुलिस और दमकल की गाड़ियां भी पहुंची. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली.
ये है घटना
बलौदाबाजार जिले के कलेक्टोरेट में पिछले साल हुई आगजनी की घटना अभी ठंडी नहीं पड़ी है. इधर बुधवार की रात को कलेक्टर बंगले के पास लगी भीषण आग ने पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए. यहां कलेक्टर दीपक सोनी के सरकारी बंगला के बाहर नर्सरी में भीषण आग लग गई. देखते ही देखते लपटें काफी तेज हो गई.
पुलिस और दमकल कर्मियों को सूचना दी गई. कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया.गनीमत रही कि समय रहते आग बुझा दी गई,अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था. घटना देर रात 2 बजे की बताई जा रही है.
गर्मी और पतझड़ के कारण नर्सरी में पहले से ही सूखे पत्तों की परत जमी हुई थी. ऐसे में आग तेजी से फैली और नर्सरी के एक बड़े हिस्से को चपेट में ले लिया.दमकल कर्मियों की तत्परता और कोतवाली पुलिस की सक्रियता के चलते हालात काबू में आ सका. हालांकि आग लगने के कारणों पर संशय है,आशंका जताई जा रही है कि सिगरेट के टुकड़े से आग लगी होगी.
आग लगने के सही कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है,लेकिन पुलिस को आशंका है कि सड़क किनारे बने यात्री प्रतीक्षालय में बैठे कुछ असामाजिक तत्वों की लापरवाही इसकी वजह हो सकती है.
रात के समय यहां अक्सर मनचले और संदिग्ध लोग बैठे रहते हैं, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध रहती हैं. संभावना जताई जा रही है कि किसी ने जलती हुई सिगरेट फेंकी होगी, जिससे सूखे पत्तों में आग लग गई.घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने मौके का मुआयना किया और जांच शुरू कर दी है. पुलिस संदिग्ध की तलाश कर रही है, ऐसी गतिविधि में पकड़े जाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बढ़ रही है घटनाएं
जंगल में बढ़ी आग की घटनाएं बलौदा बाजार के वनांचल क्षेत्र में इन दोनों आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. कई रेंज में तो एक माह के अंदर ही 30 से अधिक आग लगने की घटनाएं हो गई हैं. खासकर बारनवापारा अभ्यारण से लगे देवपुर, सोनाखान, लवन, महानदी के किनारे के वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं. यहां महुआ बिनने के लिए भी आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं. इधर लगातार बढ़ रही आज लगने की घटना से परेशान वन विभाग के अधिकारी इस मामले की जांच शुरू कर दिए हैं. ग्रामीणों से पूछताछ भी कर रहे हैं.