सरकारी खजाने की खुली लूट, श्योपुर में 200 करोड़ के घोटाले पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं

श्योपुर : जिले की विजयपुर जनपद की दो दर्जन ग्राम पंचायतों में करीब 200 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े की शिकायत एक शिकायतकर्ता के द्वारा की गई थी. ग्राम पंचायत में होने वाली निर्माण कार्यों के लिए सामग्री सप्लाई के फर्जी बिल लगाकर रॉयल्टी चोरी का मामला सामने आया. इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी लेकिन उसका पालन संबंधित अधिकारियों के द्वारा नहीं किया गया.

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श्योपुर जिले में आने वाली विजयपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत में होने वाले निर्माण कार्यों में सामग्री सप्लाई के फर्जी बिल लगाकर रॉयल्टी चोरी के मामले में विजयपुर के रहने वाले अशोक कुमार गर्ग ने आरोप लगाते हुए बताया कि वह श्योपुर कलेक्टर एवं जिला सीईओ को आवेदन करके शिकायत करते रहे हैं कि फर्जी बिलों के माध्यम से रॉयल्टी चोरी की जा रही है.

लेकिन फिर भी अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है. शिकायतकर्ता अशोक कुमार गर्ग के द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत द्वारा रेता एवं गिट्टी के फर्जी बिल लगाकर बिना रॉयल्टी के सरकारी भुगतान निकल गया और इसके लिए भुगतान के फर्जी बिल भी आवेदन के साथ लगाए गए. जब यह मामला जिले में आग की तरह फैला तो अधिकारियों के हाथ पैर तक फूल गए .

शिकायतकर्ता ने आखिर क्या शिकायत दर्ज कराई थी 

शिकायतकर्ता अशोक कुमार गर्ग ने शिकायत है कि विजयपुर में वर्ष 2014 से वर्ष 2022 तक पंचायतों में हुए निर्माणकार्यों में फर्जी बिल लगाकर भुगतान किया गया.विजयपुर जनपद की ग्राम पंचायतों में फर्म संचालकों की मिलीभगत से 200 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया. इसमें बिना खदान रेत,मुरम और गिट्टी पत्थर तक की सप्लाई फर्म संचालकों ने न सिर्फ कर दी है, बल्कि उनका भुगतान भी प्राप्त कर लिया है.

साथ ही लाइसेंस नहीं होने पर भी जिलेटिन जैसे विस्फोटक पदार्थ का भी विक्रय किया है. फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद श्योपुर के तत्कालीन कलेक्टर संजय कुमार ने एसडीएम बीएस श्रीवास्तव विजयपुर की अध्यक्षता में इसकी जांच के आदेश दिए थे.

तत्कालीन एसडीएम ने चार सदस्यीय जांच दल बनाया 

एसडीएम विजयपुर बीएस श्रीवास्तव ने भी दल सदस्यों को 21 मई को विजयपुर पहुंचने के लिए पत्र भेजा था, ताकि फर्जीवाड़े की जांच की जाकर रिपोर्ट दी जा सके. दरअसल जनपद पंचायत विजयपुर में वर्ष 2014 से 2022 तक की स्थिति में ग्राम पंचायतों में जो निर्माण कार्य हुए हैं, उनमें जो बिल लगाए गए हैं, उसमें माल देकर भुगतान तो ले लिया गया है, पर न तो उनकी रॉयल्टी दी गई है.

न ही यह बताया गया है कि माल कहां से खरीदा है। माना जा रहा है कि इन्होंने पास से ही मिट्टी, गिट्टी आदि तोड़कर निर्माण में सप्लाई की हैं और फर्जी बिल लगाए हैं.

इन बिलों पर सबसे अधिक भुगतान कर राशि का आहरण किया गया 

सबसे ज्यादा बिल इन 6 फर्मों के, जिन्होंने मजदूरी का भुगतान भी ले लिया सुखवास पंचायत में बनाई गई तलैया, जिसमें बोगस फर्म से खरीदे गए पत्थर. विजयपुर की ग्राम पंचायतों में जिन फर्मों के बिल 2014 से 2022 के बीच सबसे ज्यादा लगे हैं, उनमें कैलादेवी ट्रेडर्स नाम से दो फर्म हैं, जिनके संचालक अलग अलग हैं.

मित्तल ट्रेडर्स, एसएल ट्रेडर्स, शिवजीलाल और मोहनलाल और फिर एक और शिवजी लाल नाम की शामिल हैं। इन फर्मों में शामिल कैलादेवी ट्रेडर्स के खाते में चिमलवानी ग्राम पंचायत ने बिल क्रमांक 49/15.11.18 में 92 हजार 80, तो ऊपचा से 1069, 1070, 1071, 1072, 1073 नंबर पर राशि छह हजार रुपए का भुगतान किया गया है. बता दें कि यह बिल पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध हैं.

जब मामला आग की तरह फैला तो प्रभारी मंत्री बोलें दोषियों पर कार्रवाई होगी 

जब यह मामला चर्चा में आया तब श्योपुर जिले के दौरे पर पहुंचे प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला से मीडिया ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है. और मेरे संज्ञान में यह मामला आया है तो निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी पंरतु प्रभारी मंत्री ने जो कहा वह निर्देश भी हवाहवाई हो गया.

 

शिकायतकर्ता बोला जांच दल ने जांच पूरी कर कलेक्टर को जमा कर दी पर एक्शन नहीं हुआ 

शिकायतकर्ता अशोक कुमार गर्ग का आरोप है कि मेरे द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि विजयपुर जनपद पंचायत में फर्जी फर्म बनाकर सरकारी खजाने का आहरण किया गया है. वर्ष 2014 से लेकर 2022 तक एक ही व्यक्ति द्वारा करीब 200 करोड़ का घोटाला किया गया है. मैने जिन बिंदुओं पर शिकायत की थी उन सभी बिंदुओं पर शिकायत सही पाई गई है. जांच दल द्वारा कार्रवाई हेतु कलेक्टर महोदय को लिखा गया है. दिसंबर 2024 में जांच दल ने जांच जमा कर दी पंरतु कलेक्टर महोदय द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

इस मामले में कई बार कलेक्टर अर्पित वर्मा से जानकारी लेनी चाही परंतु उनके द्वारा कोई जवाब नहीं मिला है. 

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