ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बागेश्वर धाम के बाबा धीरेन्द्र शास्त्री को लेकर बड़ा बयान दिया है. मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री देश हित में नहीं, समाज हित में नहीं, बल्कि समाज को तोड़ने के लिए और देश को कमजोर करने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि ये जो उनकी विचारधारा है, हिंदु ग्राम, हिंदु जिला, हिंदु राष्ट्र, ये उनका अरमान अरमान ही रह जाएगा, उनका ख्वाब ख्वाब ही रह जाएगा.
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि भारत भविष्य के 1000 साल तक भी न हिन्दू राष्ट्र हो सकता है और न ये इस्लामी राष्ट्र हो सकता है, ये जम्हूरियत निजाम के तहत चलता है, लोकतांत्रिक देश है, जम्हूरियत देश है और जम्हूरी ही रहेगा, यही इसकी खूबी है. उन्होंने कहा कि आज दुनिया में भारत को क्यों जाना जाता है इसकी पहचान क्यों है, इसकी पहचान इसी वजह से है कि यहां पर तमाम मजहिब के मानने वाले एक साथ में रहते हैं. बाकी दूसरे और देश हैं तो कहीं इसाइयों की अक्सरियत है, कहीं मुसलमानों की अक्सरियत है और यहां सब मजहब को मानने वाले हैं.
उन्होंने कहा कि सैकड़ों मजहब के लोग यहां पर मिल जुलकर के रहते हैं, भाई चारे के साथ रहते हैं. कहीं कोई टकराव नहीं और कहीं कोई मतभेद नहीं न मनभेद. धीरेन्द्र शास्त्री हिन्दुस्तान के अंदर लोगों के दर्मियान एक नफरत फैला रहे हैं, उनको सोचना चाहिए कि वो एक धर्म के व्यक्ति हैं और धार्मिक व्यक्ति का नफरत फैलाने का काम नहीं बल्कि ऐसी शख्सियत का काम है कि दिलों को जोड़ा जाए.
बहुत सारे बाबा जेल के अंदर हैं- मौलाना रजवी
मौलाना रजवी ने कहा कि समाज मजबूत हो और समाज जब मजबूत होगा, तो हमारा देश मजबूत होगा देश तरक्की करेगा. हुकुमतों का काम है उनका काम करना, हुकुमतें अपने हिसाब से काम करती हैं और चाहे स्टेट गवर्नमेंट हो या सेन्ट्रल गवर्नमेंट हो वो इस तरीके से बाबाओं के बयानों पर ध्यान नहीं देते हैं. बहुत सारे बाबा जेल के अंदर हैं, अभी तक वो जमानत पर नहीं आए हैं, कुछ पैरोल पर आए हैं और मैं धीरेन्द्र शास्त्री को मशवरा दूंगा कि वो सबसे पहले नेपाल की दिशा और दशा को सुधारे वहां जो अफरा तफरी लूटमार लूटखसोट कर्फ्यू आगजनी तोड़फोड़ मची हुई है.
नेपाल में वाहनों और मकानों को फूंक दिया गया
उन्होंने कहा कि उसको पहले सुधार लें वो भी लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म करने के लिए हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए ये तमाम खुराफाते वहां पर हो रही है. वहां पर आग लगाई जा रही है, वाहनों और मकानों को फूंक दिया गया है, तो क्या धीरेन्द्र शास्त्री भारत में भी ऐसा चाहते हैं, ये नामुमकिन चीज है.