यशस्वी जायसवाल ने 1 अप्रैल को मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को पत्र लिखकर मुंबई छोड़कर गोवा जाने की इच्छा जताई थी, जिसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया. यानि अब घरेलू क्रिकेट में 2025-26 सीजन से वो गोवा के लिए खेलते हुए दिखेंगे. उन्हें इस टीम का कप्तान भी बनाया जा सकता है. जायसवाल ने इसे लेकर कहा है कि अच्छे अवसर की वजह से उन्होंने ये कदम उठाया है. हालांकि, आईपीएल के बीच अचानक उनके इस फैसले ने सभी को हैरान कर दिया. अब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी और घरेलू क्रिकेट में मुंबई के कप्तान अजिंक्य रहाणे के साथ काफी समय से उनकी अनबन चल रही है. इसलिए जायसवाल ने मुंबई का साथ छोड़ा है.
यशस्वी-रहाणे के बीच ‘दरार’
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यशस्वी जायसवाल ने सिर्फ गोवा की कप्तानी नहीं बल्कि मुंबई की सेट अप से परेशान होकर उसे छोड़ने का फैसला किया. मैनेजमेंट की ओर से उन पर लगातार दबाव बनाए जाने और खराब प्रदर्शन के बाद संदेह के घेरे में रखने की वजह से वो खुश नहीं थे. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मैनेजमेंट के अलावा मुंबई की फर्स्ट क्लास टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणे के साथ ही जायसवाल के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे थे. दोनों के बीच काफी समय से अनबन थी, जिसकी शुरुआत 2022 में हुई थी.
दरअसल, रहाणे ने एक मैच में स्लेजिंग के लिए जायसवाल को मैदान से बाहर कर दिया था. उन्होंने मैदान पर अनुशासन तोड़ने की वजह से यशस्वी को ये सजा दी थी. जायसवाल साउथ जोन के बल्लेबाज रवि तेजा को स्लेज कर रहे थे और रहाणे को लगा कि उन्होंने हद पार कर दी. रहाणे की सजा के बाद जायसवाल ने दूसरी पारी में 323 गेंदों पर 30 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 265 रन जड़ दिए थे.
रहाणे के किटबैग पर मारी लात
पिछले घरेलू सीजन में मुंबई और जम्मू-कश्मीर के बीच हुए रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा ने हिस्सा लिया था. इस मैच में जायसवाल का प्रदर्शन खराब रहा था और जम्मू-कश्मीर ने मुंबई के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. मुकाबले के बाद टीम मैनेजमेंट ने उनकी आलोचना की थी. इतना ही नहीं कोच ओमकार साल्वी और कप्तान रहाणे ने मुंबई की टीम के लिए जायसवाल की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए थे.
ये बात यशस्वी को अच्छी नहीं लगी थी और उन्होंने गुस्से में कप्तान रहाणे के किटबैग पर लात मार दी थी. यहीं से मामला और ज्यादा बिगड़ गया और अंत में यशस्वी जायसवाल ने टीम को छोड़ने का फैसला किया. वहीं इससे दो सीजन पहले जब जायसवाल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेल रहे थे, तब मैनेजमेंट की ओर से उनके शॉट सेलेक्शन को लेकर भी लगातार सवाल उठाए जा रहे थे. इसकी वजह से जायसवाल को लगा कि उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया गया.