गर्मी शुरू हुई नहीं कि चलो पहाड़ों पर… गर्म इलाकों के लोग अक्सर ऐसा ही करते हैं. दिल्ली, यूपी और बिहार सहित देश के कई राज्यों में इन दिनों गर्मी चरम सीमा पर है. ऐसे में कई लोग पहाड़ी राज्यों में जाने का प्लान बनाने लगे हैं. कई टूरिस्ट तो पहाड़ों में पहुंच भी गए हैं. लेकिन पहाड़ी राज्यों में भी कुछ इलाकों में ही इस समय बर्फबारी हो रही है. यहां जानेंगे कि अगर आप हिमाचल प्रदेश जाने का प्लान बना रहे हैं तो कौन सी जगहें इस समय घूमने के लिहाज से परफेक्ट रहेंगी.
हिमाचल प्रदेश की बात करें तो यहां मैदानी जिले जहां गर्मी से तपने लगे हैं, वहीं वीरवार को रोहतांग दर्रा सहित लाहौल की चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई. बर्फबारी के बाद घाटी में कई क्षेत्र ठंड की चपेट में आ गए हैं. बुधवार रात को उच्च पर्वतीय क्षेत्र कुकुमसेरी में न्यूनतम पारा माइनस और केलांग में शून्य के करीब रिकॉर्ड हुआ है. हालांकि, शुक्रवार यानि आज मौसम साफ है. आठ और नौ अप्रैल को मौसम में फिर बदलाव आने की संभावना है.
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दो दिनों के दौरान बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है. वीरवार को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहने के पूर्वानुमान के बीच जनजातीय इलाकों में दोपहर बाद हल्की बर्फबारी हुई. रोहतांग दर्रा समेत ड्रिल्बू पीक, घेपन पीक के साथ कुंजम दर्रा में हल्की बर्फबारी हुई. ठंड के कारण घाटी में घरों में एक बार फिर तंदूर जलने शुरू हो गए. हल्की बर्फबारी के कारण मनाली-लेह और सिस्सू-रोहतांग सड़क बहाली में जुटे बीआरओ की टीम को ठंड का समाना करना पड़ रहा है.
30 डिग्री तक पहुंचा पारा
खराब मौसम के बावजूद सीमा सड़क संगठन मनाली लेह और ग्रांफू-समदो सड़क बहाली में जुटा हुआ है. उधर, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पार हो गया है. शिमला, मनाली, डलहौजी, कसौली और धर्मशाला में भी गर्मी का असर बढ़ने लगा है. लेकिन अन्य राज्यों की तुलना में यहां उतनी गर्मी नहीं है. इसलिए यहां भी पर्यटक गर्मी से निजात पाने पहुंच रहे हैं.
8-9 अप्रैल में होगी बर्फबारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आठ और नौ अप्रैल को चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिले में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना जताई है. प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में नौ अप्रैल तक मौसम शुष्क बना रहने की संभावना है.