राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है. शुक्रवार को संसद द्वारा पारित वक्फ संशोधन विधेयक के लिए उनके समर्थन पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें आरएसएस कार्यकर्ता के रूप में चित्रित किया. राजद ने यह हमला तब किया, जब जेडी (यू) को इस विधेयक के लिए अपने समर्थन के बाद चुनावी वर्ष में पार्टी के पांच नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है.
राजद द्वारा सोशल साइट एक्स पर शेयर की गई फोटोशॉप की गई तस्वीर में नीतीश कुमार को आरएसएस की ट्रेडमार्क सफेद शर्ट और खाकी शॉर्ट्स पहने हुए दिखाया गया है. बिहार की विपक्षी पार्टी ने तस्वीर को कैप्शन दिया: ‘आरएसएस-प्रमाणित मुख्यमंत्री चीटीश कुमार’ लिखा है.
पोस्ट के माध्यम से, राजद नीतीश कुमार की धर्मनिरपेक्ष साख पर कटाक्ष करते हुए यह दिखाने का प्रयास कर रहा है कि विधेयक पर भाजपा का साथ देकर, जेडी(यू) प्रमुख आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित थे
आरजेडी ने नीतीश कुमार पर कसा तंज
वक्फ बिल के पारित होने से जेडी(यू) के मुस्लिम नेताओं में असंतोष फैल गया है. यह बिल वक्फ संपत्तियों के नियमन और उनसे जुड़े विवादों के निपटारे में सरकार की भूमिका को बढ़ाने पर जोर दिया है.
लोकसभा में जेडी(यू) और टीडीपी के क्रमश: 12 और 16 सांसदों का समर्थन वक्फ बिल के पारित होने में अहम रहा. अब तक पांच नेताओं ने विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इनमें मोहम्मद कासिम अंसारी, मोहम्मद शाहनवाज मलिक और मोहम्मद तबरेज सिद्दीकी शामिल हैं.
हालांकि, जेडी(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि न तो कासिम अंसारी और न ही शाहनवाज मलिक “हमारे कार्यकर्ताओं” का हिस्सा हैं.
मुस्लिम नेताओं ने वक्फ बिल पर जताया विरोध
कई मुस्लिम नेताओं ने भी बिल के लिए नीतीश के समर्थन पर सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त किया है. उनके रुख की आलोचना करने वालों में वरिष्ठ नेता गुलाम गौस और पूर्व राज्यसभा सांसद गुलाम रसूल बलियावी शामिल हैं.
बिहार के कुछ मुस्लिम नेताओं ने भी संकेत दिया है कि वे वक्फ बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. बिहार की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी करीब 17% है और जेडी(यू) को पारंपरिक रूप से इस समुदाय का समर्थन हासिल है. बिहार में इस साल नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में आरजेडी ने भाजपा और नीतीश कुमार पर वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर जोरदार हमला बोलना शुरू कर दिया है.