तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सबसे चर्चित नेता के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि वह राज्य अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “बीजेपी में नेता पार्टी अध्यक्ष पद के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं करते. हम सभी मिलकर एक अध्यक्ष का चुनाव करते हैं. मैं इस पद की रेस में नहीं हूं.”
दरअसल, तमिलनाडु में एआईएडीएमके और भाजपा के बीच एक बार फिर गठबंधन को लेकर बातचीत अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है. 2023 में दोनों पार्टियों का गठबंधन टूट गया था. इसके मुख्य कारणों में से एक अन्नामलाई भी माने जाते हैं. ऐसे में चर्चा जोरो पर है कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद से हटाया जा सकता है.
इस बीच मीडिया से बातचीत के दौरान अन्नामलाई ने कहा, “मैं चाहता हूं कि पार्टी का भविष्य उज्ज्वल हो. इस पार्टी के विकास के लिए कई लोगों ने अपना जीवन समर्पित किया है. मैं हमेशा पार्टी के हित की कामना करता हूं.”
उन्होंने राजनीतिक अटकलों को दरकिनार करते हुए कहा, “मैं अगले राज्य अध्यक्ष की दौड़ में नहीं हूं. मैं किसी भी राजनीतिक अटकल का जवाब नहीं देने वाला हूं. मैं किसी भी दौड़ में शामिल नहीं हूं.” इसके साथ ही, अन्नामलाई ने जोर देकर कहा कि बीजेपी अन्य पार्टियों की तरह नहीं है, जहां पार्टी अध्यक्ष पद के लिए 50 नेता नामांकन दाखिल करते हैं.
बता दें कि हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार टी.एस. सुधीर ने अपने लेख में उल्लेख किया कि अन्नामलाई का तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष पद से हटना तय था. सुधीर के अनुसार, इसे जातीय समीकरणों के आधार पर लिया गया फैसला बताया जाएगा, लेकिन वास्तव में यह पार्टी के भीतर उनकी बढ़ती अहमियत का संकेत है.