देश की राजधानी दिल्ली में एक महिला को एम्स अस्पताल के हॉस्टल में खुद को डॉक्टर बताकर गहनों की चोरी करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी महिला की उम्र 43 साल है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी महिला गाजियाबाद की निवासी है और उसने मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और साइंस में स्नातक की डिग्री ली है. इसके अलावा, वह एक निजी अस्पताल में लैब असिस्टेंट के रूप में काम कर चुकी है.
पुलिस के अनुसार, महिला डॉक्टर के कोट में एम्स परिसर में घूमती थी और सुरक्षा में ढील का फायदा उठाकर हॉस्टल के उन कमरों में चली जाती थी, जिनके दरवाजे अक्सर खुले रहते थे.
दक्षिणी जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अंकित चौहान ने कहा, ‘उसने डॉक्टर का कोट पहनकर एम्स परिसर में बिना शक पैदा किए घूमने की योजना बनाई और उन हॉस्टल कमरों को निशाना बनाया, जिनके दरवाजे अनलॉक रहते थे.’
अधिकारी अंकित चौहान ने बताया कि 27 मार्च को हौज खास पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 (चोरी) के तहत मामला दर्ज किया गया था. यह शिकायत एक डॉक्टर ने दर्ज कराई थी.
शिकायतकर्ता ने अपनी दो सोने की चेन, एक सोने का कड़ा, एक सोने की अंगूठी, एक जोड़ी सोने की बालियां, 20,000 रुपये नकद और 700 मलेशियन रिंगिट चोरी होने की सूचना दी थी. पुलिस ने एम्स परिसर में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, जिसमें एक महिला को डॉक्टर के कोट में अजीब समय पर हॉस्टल के अलग-अलग कमरों तक पहुंचने की कोशिश करते देखा.
तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने महिला द्वारा इस्तेमाल किए गए स्कूटर की पहचान की. वाहन के पंजीकरण विवरण के आधार पर पुलिस ने गाजियाबाद के बृज विहार स्थित उसके घर पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया.
डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने चोरी किए गए गहने, 4,500 रुपये नकद, और स्कूटर बरामद कर लिया. पूछताछ के दौरान, महिला ने स्वीकार किया कि उसे महंगे गहने पहनने का शौक था और उसने पहले भी इसी तरह की चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था.