बस्ती में बेटे ने पिता को पिकअप से रौंदा; हक नहीं मिलने पर साथियों के साथ मिलकर रची साजिश, ऐसे हुआ खुलासा

बस्तीः जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बेटे ने अपने पिता की इसलिए हत्या करवा दी कि वह अधिकार नहीं दे रहे थे. वारदात को बेटे ने दुर्घटना का रूप देने का पूरा प्रयास किया लेकिन उसकी प्लानिंग पर बस्ती पुलिस ने पानी फेरते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया है. पुलिस ने बेटे अमर चौधरी समेत तीन को गिरफ्तार किया है.

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डीएसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि हरैया थाना क्षेत्र के परसौडा गांव निवासी रामसूरत चौधरी (45) की पूर्व 2 अप्रैल को नेशनल हाईवे पर पिकअप वाहन चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी. मृतक की बहन चंद्रकला देवी ने थाना कप्तानगंज पर 6 लोगों के खिलाफ हत्या और साजिश करने का मुकदमा दर्ज कराया था.

डीएसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि पुलिस ने विवेचना से पाया गया कि रामसूरत की पहली पत्नी सरिता लगभग 20 वर्षों से अपने पुत्रों को लेकर मायके में रहती है. न्यायालय में भरण-पोषण का मुकदमा और संपत्ति को लेकर विवाद था. जिसके कारण पहली पत्नी और उसके बेटे रामसूरत की हत्या करना चाहते थे. वहीं, दूसरी पत्नी मिथिलावती से कोई संतान नहीं थी.

संपत्ति हासिल करने के लिए बेटे अमर ने रामसूरत की हत्या की साजिश रची. इस षड्यंत्र में जय प्रकाश चौधरी और अनिल चौधरी का सहयोग लिया. अमर चौधरी रामसूरत की एक माह से रेकी कर रहा था. घटना के दिन अवसर पाकर दवा लेकर हर्रैया से मोटर साइकिल से अपने घर जा रहे रामसूरत चौधरी को पीछे से बिना नंबर की पिकअप से अमर और अनिल चौधरी ने टक्कर मारकर रौंद दिया गया. जिससे रामसूरत की मौके पर ही मृत्यु हो गयी.

डीएसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि पूछताछ में अमर चौधरी द्वारा पिता की हत्या में सहयोग के लिये पूर्व में एक लाख रुपये अनिल चौधरी को बतौर सुपारी देने की बात भी स्वीकार की है. डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल दिया गयाहै. अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.

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