पुलिस पर समाज को बेहतर और अपराध मुक्त बनाने की जिम्मेदारी होती है. वहीं, अगर पुलिस ही अपना काम जिम्मेदारी से ना करें तो सोचो क्या होगा. ऐसा ही एक मामला झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम थाने से सामने आया है, जहां एंटी करप्शन की टीम ने दारोगा को ही 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. दारोगा ने एक मामले में केस को मैनेज करने के एवज में रिश्वत मांगी थी.
रांची के नामकुम थाना में तैनात दारोगा चंद्रदीप प्रसाद को एंटी करप्शन की टीम ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. दारोगा ने पीड़ित से केस मैनेज करने के नाम पर पहले एक लाख रुपये की डिमांड की थी, लेकिन बाद यह डील 30 हजार रुपये में तय हो गई थी. पीड़ित दारोगा को पैसा देने पहुंचा था. इसी दौरान उसी के थाने की टीम और एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया.
एंटी करप्शन ब्यूरो में की थी शिकायत
दारोगा चंद्रदीप प्रसाद की गिरफ्तार की जानकारी देते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के रहने वाले आशीष कुमार यादव (27) और उनके पिता गंगासागर यादव ने एंटी करप्शन ब्यूरो से रिश्वत के मामले में दारोगा की शिकायत की थी. मामले की जानकारी देते हुए आशीष के पिता ने ब्यूरो को बताया था कि उनके बेटे की सगाई कुछ दिनों पहले नामकुम थाना क्षेत्र की एक लड़की से हुई थी. हालांकि, कुछ कारणों की वजह से रिश्ता टूट गया था.
1 लाख की मांग रहा था रिश्वत
इसके बाद ने पंचों के माध्यम से सभी सामान का आदान-प्रदान हो गया था. हालांकि, इसके बावजूद लड़की के पिता ने लड़के और उसके परिवार वालों के खिलाफ रांची के नामकुम थाना में 08 जुलाई 2024 को गंभीर धाराओं में FIR दर्ज करवाई थी. इस मामले की जांच दारोगा चंद्रदीप प्रसाद कर रहे थे. इस मामले में पीड़ित आशीष कुमार यादव ने सिविल कोर्ट रांची से जमानत ले लिया था. इसके बावजूद दारोगा चंद्रदीप प्रसाद उनसे मामले को मैनेज करने के लिए 1 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे.
रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दारोगा अरेस्ट
जिसे पीड़ित आशीष कुमार देना नहीं चाहते थे. इसके बाद उन्होंने अपने पिता गंगासागर के साथ मिलकर इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो रांची कर दी. जांच में मामला सही पाए जाने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने नामकुम थाना से सब इंस्पेक्टर चंद्रदीप प्रसाद को आज शुक्रवार को पीड़ित से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है.