मेरठ के सरकारी आवासीय विद्यालय से लापता छात्राएं बरामद, इस वजह से हुई थीं गायब

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (केजीबीवी) से गुरुवार को लापता हुईं तीनों छात्राओं को पुलिस ने शुक्रवार को उनके घरों से बरामद कर लिया. मेरठ निवासी छात्रा अन्य दोनों छात्राओं को अपने परिचित के घर ले गई थी. वहां से दिन में तीनों अपने-अपने घर पहुंच गईं. लड़कियों ने पुलिस को बताया कि स्कूल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर डांटे जाने से नाराज होकर वे भाग गई थीं.

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मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताडा ने बताया कि सरूरपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की कक्षा 7 की तीन छात्राओं को ढूंढ लिया गया है. वो 3 अप्रैल की दोपहर से यहां से लापता थीं. वो शुक्रवार देर रात अपने परिचितों के घरों से मिली हैं. जिला बाल कल्याण समिति के आदेश के बाद बरामद की गई लड़कियों की मेडिकल जांच की गई है. इसके बाद उन्हें उनके परिचितों को सौंप दिया गया है.

एसएसपी ताडा ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने इस मामले की जांच की है. इसमें सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. मेरठ के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. वीके सिंह ने बताया कि घटना की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी नुपुर गोयल और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) बलराम सिंह की दो सदस्यीय समिति गठित की गई है. इस समिति द्वारा अनुशानात्मक कार्रवाई की गई है.

उन्होंने बताया कि 4 अप्रैल को प्रस्तुत रिपोर्ट में प्रभारी वार्डन रीना और पूर्णकालिक शिक्षिका बिंदिया की ओर से गंभीर अनियमितताएं, पर्यवेक्षण में ढिलाई और लापरवाही पाई गई है. दोनों की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा रही है. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा उनके खिलाफ मामला भी दर्ज कराया जा रहा है. जिलाधिकारी के अनुसार मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण भी मांगा जा रहा है.

बताते चलें कि हैरान कर देने वाली इस घटना के बाद जिले के अफसरों के बीच हलचल मच गई है. ताबड़तोड़ छापेमारी और निरीक्षण का कार्य किया जा रहा है. यहां स्थित पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में जांच की गई है. इस दौरान विद्यालय में कई खामियां मिली हैं. इसे तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं. जिले के लोगों में भी इसे लेकर रोष व्याप्त है. ज्यादातर अभिभावकों ने चिंता जताई है.

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