बिहार में विपक्ष की रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित अभद्र नारों ने सियासत को गरमा दिया है। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी मां के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल केवल निंदनीय ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर कलंक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह बर्दाश्त नहीं कर पा रही कि एक गरीब मां का बेटा लगातार 11 वर्षों से देश का प्रधानमंत्री है। शाह ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीति अपने निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है और यह पार्टी की विकृत मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने मोदी के खिलाफ नफरत फैलाने की हर कोशिश की है और अब यह मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर चुकी है। शाह ने कहा कि यह हर मां और बेटे का अपमान है और 140 करोड़ भारतीय इस अपमान को कभी माफ नहीं करेंगे।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी घटना की निंदा की और कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के मंच से की गई यह अभद्रता न केवल प्रधानमंत्री की मां का, बल्कि बिहार की संस्कृति का भी अपमान है। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ने राजनीति में अभद्रता की सारी हदें पार कर दी हैं और उन्हें इस घृणित कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कांग्रेस-आरजेडी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि माता सीता की पावन भूमि पर किसी भी मां का अपमान असहनीय है। उन्होंने इसे कांग्रेस की विकृत मानसिकता बताया और कहा कि भारतीय समाज में “मां” शब्द की मर्यादा को ठेस पहुंचाना पूरे देश का अपमान है।
इस पूरे विवाद ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है और भाजपा इसे कांग्रेस की राजनीति का सबसे निचला स्तर करार दे रही है।