MP News: इंदौर में सात दिन पहले लापता हुई 22 साल की श्रद्धा तिवारी शादी करके एमआईजी थाने पहुंची. गुजराती कॉलेज की बीबीए फाइनल ईयर की छात्रा श्रद्धा ने पुलिस को बताया कि वह बॉयफ्रेंड सार्थक के साथ ट्रेन से जाने वाली थी, लेकिन सार्थक न आने पर करणदीप से मिली और महेश्वर में शादी कर ली. करणदीप कॉलेज में इलेक्ट्रिशियन का काम करता है.
दरअसल, 23 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे श्रद्धा उर्फ आयुषी तिवारी बिना बताए घर से निकल गई थी. उसने मोबाइल फोन घर पर छोड़ दिया था. सीसीटीवी फुटेज में उसे लाल टी-शर्ट और जींस में लोटस चौराहे से विजय नगर की ओर जाते देखा गया. एक अन्य फुटेज में उसे एक दुकान के पास किसी से बैग लेते और एक महिला के साथ जाते हुए भी देखा गया.
परिवार ने इंदौर के ही चर्चित सोनम रघुवंशी मामले जैसे टोटके का सहारा लिया. पिता अनिल तिवारी ने श्रद्धा की तस्वीर दरवाजे पर उल्टा लटकाई और 51000 रुपए के इनाम की घोषणा की.
उधर, पुलिस ने सार्थक से पूछताछ की, लेकिन उसने श्रद्धा से संपर्क न होने का दावा किया. उसका कहना था कि पहले वह श्रद्धा के संपर्क में था, लेकिन अब काफी दिनों से उसका श्रद्धा से कोई लेना देना नहीं है. यहां तक उसके मोबाइल में श्रद्धा का नंबर ब्लॉक है. पुलिस ने CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की जांच की.
वहीं, श्रद्धा तिवारी के पिता अनिल तिवारी ने कहा, ” लापता बेटी ने मुझसे संपर्क किया था. उसके पास पैसे नहीं थे, मैंने पैसे भेजे और जावरा तक आने को कहा, तब भी करण और श्रद्धा साथ थे. मैं इस शादी को नहीं मानता. बेटी बालिग है, वह जो निर्णय लेगी, हम मानेंगे. मेरी बेटी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है. करण ने बताया कि वह रेलवे स्टेशन पर मिली थी, श्रद्धा सुसाइड करने वाली थी, तो करण ने उसे बचाया.”
पुलिस को श्रद्धा की कहानी पर भरोसा नहीं हो रहा. उन्होंने शादी के कोई दस्तावेज नहीं दिए. क्राइम ब्रांच के अधिकारी भी पूछताछ के लिए पहुंचे. महिला पुलिस श्रद्धा की गोलमोल कहानी पर पूछताछ कर रही है. बता दें कि बिना मोबाइल के घर से निकली श्रद्धा की गुमशुदगी के बाद परिवार ने डीजीपी और सीएम मोहन यादव से गुहार लगाई थी. अब श्रद्धा थाने पहुंची है और आगे की जांच जारी है.