उत्तर प्रदेश: बलिया में पुलिस ने एक ठग को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इस ठग ने OLA कम्पनी का कस्टमर सर्विस प्रोवाइडर के नाम पर कई प्रदेशों से ठगी की है. पकड़े गए ठग के मित्र ने पुलिस से लिखित में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद इस बड़े ठग का पर्दाफाश हुआ और पुलिस ने धर दबोचा. पकड़े गए ठग का दोस्त मौसम कुमार शर्मा ने अपने तहरीर में लिखा हैं- ‘मेरा मित्र अर्पित दुबे पुत्र स्व० विपुल दुबे निवासी मिश्र नेवरी थाना कोतवाली जिसका मोबाइल नम्बर 921*****633 द्वारा मेरे नाम से मेरे मोबाइल नं. 700****286 तथा मेरी ईमेल ID mksh****a1066@gmail.com का उपयोग कर के 1xbet पर User ID बनाया तथा इसका दुरपयोग किया. जिसकी कोई भी जानकारी मेरे पास नहीं है.
उपर्युक्त व्यक्ति अर्पित दुबे द्वारा मेरे बैंक आफ बड़ौदा खाता सं0 48108*****6663 मे कई बार रक्म मंगाये, जिसके कारण खाते में होल्ड भी लगाया गया है तथा उनके द्वारा बताये गए UPI पर मुझसे पेमेंट कराते थे. अर्पित दुबे मेरे बचपन के मित्र है, इसलिए उनके विश्वास में आकर मैने अपना Mob No, Email ID व Acc. No उनके कथानुसार प्रयोग में लाया है. मेरे द्वारा साइबर सेल मे जाकर जब अपने खाते की जाँच करायी तो तब पता चला कि मुकदमा वादी के खाते पर मध्य प्रदेश से शिकायत दर्ज है, जिसका प्रयोग अर्पित दूबे द्वारा किया गया है. मुझे ऐसा प्रतित होता है कि अर्पित दुबे एक फ्राड किस्म का लड़का है, मुझे विश्वास में लेकर मेरे साथ धोखा किया है.
तहरीर मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस ने अभियुक्त अर्पित दुबे के खिलाफ धारा 66 C, 66D IT Act के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई. मुखबिर के सूचना पर पुलिस ने अर्पित दुबे को बस स्टैंड चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया, जिसके कब्जे से एक मोबाइल और 10 सिम कार्ड बरामद किया है. अभियुक्त के द्वारा Online Work From Home वर्ष 2022 से ओला इलेक्ट्रिक (स्कूटी) कस्टमर सर्विस प्रोवाइडर के नाम पर कॉल करके अन्य प्रदेशों से धन उगही का कार्य किया गया है. पूछताछ में अभियुक्त के द्वारा बताया गया कि डाटा मेल पर आता था मेंल पर बताये गये निर्देशों का पालन करता था तथा इसमें जो भी लाभ होता है, उसे अपने दोस्त के खाता मे भेजवाता था.
अभियुक्त के पास से एक मोबाइल बरामद किया गया है, जिसमें लगभग 10 सिम कार्ड का प्रयोग किया गया है. जिस पर भिन्न-भिन्न प्रान्तों से NCRP Portal पर लगभग 41 फाइनेन्सियल फ्रॉड की शिकायतें दर्ज करायी गयी है, जिसमें से लगभग 10 लाख रुपये तक का फ्राड होना पाया गया है. अभियुक्त के पास अन्य मोबाइल व डिवाइस होने की आशंका जताई गई है, पुलिस का कहना है कि इस अपराध में जिसकी भी संलिप्तता पायी जायेगी उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी. जिससे और भी अपराध होना सम्भावित है.