डूंगरपुर: ‘उन्मेष’ साहित्योत्सव में बिहार की धरती पर गूंजेगी वागड़ी बोली, दिनेश पांचाल देंगे प्रस्तुति

डूंगरपुर: साहित्य अकादमी, नई दिल्ली और बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 25 से 28 सितंबर तक पटना में ‘उनमेष’ अंतरराष्ट्रीय साहित्योत्सव का आयोजन होगा. इसमें देश-विदेश से लगभग 600 से अधिक साहित्यकार, शोधार्थी, आलोचक और अनुवादक 100 से ज्यादा भाषाओं और बोलियों का प्रतिनिधित्व करेंगे.

राजस्थानी भाषा की वागड़ी बोली का प्रतिनिधित्व विकासनगर (राजस्थान) के साहित्यकार दिनेश पंचाल करेंगे. वे 26 सितंबर को विविध भाषाई काव्य- सम्मलेन सत्र में वागड़ी और हिंदी अनुवाद सहित अपनी प्रतिनिधि कविताओं का वाचन करेंगे.

दिनेश प्रजापति, संयोजक वागड़ी भाषा कार्यशाला ने बताया कि “दिनेश पंचाल का अंतरराष्ट्रीय मंच पर आमंत्रित होना पूरे वागड़ अंचल के लिए गौरव की बात है.  उनकी प्रस्तुति वागड़ी बोली की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का कार्य करेगी.

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