दुर्ग में वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर कालिख पोतने के मामले में पुलिस ने एक महिला को पकड़ा है। महिला की पहचान राही उर्फ रेखा निर्मलकर के रूप में हुई है। 17 अगस्त की रात दुर्ग बस स्टैंड के पास स्थित प्रतिमा और शिलालेख को विकृत किया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला मानसिक रोग से पीड़ित है। उसके परिजनों के अनुसार वह कई साल से इलाज करा रही है। महिला को ‘नारायण’ नाम से विशेष चिढ़ है। यहां तक कि उसके पति का नाम भी नारायण निर्मलकर है, जिसके कारण वह असामान्य व्यवहार करती है।
आदिवासी समाज ने किया था प्रदर्शन
घटना के बाद आदिवासी समाज ने इसे अपने पुरखों का अपमान बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी। समाज ने प्रतिमा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और कैमरे लगाने की मांग भी की है।
मेडिकल जांच के बाद मानसिक चिकित्सालय भेजा गया
दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर के अनुसार, आरोपी महिला को मेडिकल जांच के बाद मानसिक चिकित्सालय भेजा गया है। पुलिस ने महिला के पति से इलाज संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।