नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाए गए 62 युवक, झारखंड पुलिस ने कराया आजाद

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां 62 युवकों को नौकरी का लालच देकर बंधक बना लिया गया और उनसे जबरन काम कराया जा रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर सभी को मुक्त कराया और इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, एक निजी फर्म ने युवकों को बेहतर नौकरी और मोटी सैलरी का झांसा देकर वहां बुलाया। लेकिन वहां पहुंचते ही युवकों से उनकी आजादी छीन ली गई और उन्हें मनमाने तरीके से काम करने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं, विरोध करने पर उन्हें धमकाया भी जाता था। पीड़ित युवकों ने बताया कि उन्हें बाहर जाने की इजाजत नहीं थी और परिजनों से भी बात करने पर पाबंदी थी।

पुलिस को सूचना मिली तो एक विशेष टीम बनाई गई और छापेमारी कर सभी युवकों को मुक्त कराया गया। इस दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को हिरासत में भी लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पता लगाया जाएगा कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

मुक्त कराए गए युवकों में झारखंड के अलावा बिहार और उत्तर प्रदेश के भी कई युवक शामिल हैं। ये सभी बेहतर रोजगार की तलाश में यहां पहुंचे थे, लेकिन धोखे का शिकार हो गए। फिलहाल पुलिस ने पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर रखा है और उनके परिवारों को इसकी जानकारी दी जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामले पहली बार सामने नहीं आए हैं। अक्सर बेरोजगारी का फायदा उठाकर युवक-युवतियों को नौकरी का लालच दिया जाता है और फिर उनसे बंधुआ मजदूरी कराई जाती है।

झारखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में ऐसे गिरोहों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि आगे किसी युवक को इस तरह फंसाया न जा सके। इस कार्रवाई से कई परिवारों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंतित थे।

Advertisements
Advertisement