बिहार सरकार ने पुलिसकर्मियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब ड्यूटी के दौरान किसी हादसे या हमले में अगर किसी पुलिसकर्मी की मौत हो जाती है तो उसके परिवार को 1.5 करोड़ रुपये का बीमा मिलेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसे लेकर पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों में राहत और संतोष का माहौल है।
सरकार का कहना है कि पुलिसकर्मी 24 घंटे जनता की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं और कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर कर्तव्य निभाते हैं। ऐसे में उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना राज्य की जिम्मेदारी है। अब तक पुलिसकर्मियों को हादसे की स्थिति में मिलने वाली मुआवजा राशि काफी कम थी, जिस पर लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे थे।
नई योजना के तहत ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मी के परिजनों को तुरंत वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि परिवार को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा सरकार ने यह भी तय किया है कि शहीद पुलिसकर्मी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
पुलिस विभाग के अधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक समर्पण के साथ अपनी ड्यूटी निभाएंगे। वहीं पुलिसकर्मियों के परिवारों ने भी इसे राहत देने वाला कदम बताया है।
बिहार में हाल के वर्षों में कई पुलिसकर्मी अपराधियों और नक्सलियों से मुकाबले के दौरान शहीद हुए हैं। ऐसे में इस फैसले से उन परिवारों को भी उम्मीद जगी है जिन्हें अब तक पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाई थी।
नीतीश सरकार का यह कदम पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस फैसले से पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।