दिल्ली मेट्रो का सफर रोज़ाना लाखों लोग करते हैं.भीड़भाड़ में धक्का-मुक्की आम है, लेकिन 22 साल की एक छात्रा के साथ हुआ वाकया बिल्कुल किसी क्राइम शो की स्क्रिप्ट जैसा था. इस लड़की ने अपने डरावने अनुभव को रेडिट पर शेयर किया, जिसका टाइटल था-अब मैं सोच-समझकर ही ‘थैंक यू’ बोलूंगी.
कॉलेज से लौट रही छात्रा मेट्रो के दरवाजे के पास खड़ी थी, तभी लंबी-लंबी कद वाले कुछ लड़के अंदर आए और वह एकदम घिर-सी गई. उसने लिखा कि एक लड़का इतना पास खड़ा था कि उसकी पीठ मेरी नाक से लग रही थी. हां, ये असहज था लेकिन डरावना नहीं.
लेकिन उसके पीछे खड़े एक अंकल का बर्ताव अजीब था. वो अंकल बार-बार उस लड़के को धक्का देकर मुझे ‘प्रोटेक्ट’ करने जैसा दिखा रहे थे. मदद से ज्यादा यह मुझे अनावश्यक और अजीब लगा. लड़की कंफ्यूज थी कि धन्यवाद बोले या नहीं. फिर मैंने अंकल को ‘थैंक यू’ कहा… और यहीं से कहानी मोड़ लेती है.
थैंक यू बोलना बन गया ‘बिग मिस्टेक’
लड़की ने लिखा कि जैसे ही मैं अपने स्टेशन पर उतरी, अंकल भी उतर गए और मेरे साथ-साथ चलने लगे. मैंने तेज कदम बढ़ाए, लेकिन वो बराबर बने रहे. फिर उन्होंने अपना परिचय देना शुरू किया. पहचान साबित करने के लिए ढेर सारे आईडी कार्ड्स दिखाए—कई छात्राओं के नाम वाले. बोले कि वो जर्नलिस्ट हैं, राइटर हैं. लड़की ने कहा कि मैं डर से कार्ड देख भी नहीं पाई.
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कुछ देर बाद अंकल ने सीधा सवाल दागा-कहां रहती हो? लड़की ने झूठा स्टेशन बताया. अंकल फिर बोले-अपना नंबर दो, कॉल पर बातें करेंगे, दोस्त जैसे करते हैं. छात्रा ने लिखा कि मुझे ‘क्राइम पेट्रोल’ देखना पसंद है, लेकिन उसमें एक्टिंग करना बिल्कुल नहीं.
लोगों ने क्या कहा?
यह पोस्ट वायरल होते ही रेडिट पर बहस छिड़ गई.एक यूजर ने लिखा कि हर दिन लड़कियों के नए ट्रॉमा सुनता हूं, अब समझ आता है कि वो नजरें चुराना क्यों चाहती हैं.दूसरे ने लिखा कि भाई, यह सच में डरावना है.