चंदौली : जिलाधिकारी निखिल टी. फंडे के सख्त निर्देश पर सदर विकास खंड के शाहपुर ग्राम पंचायत के कोटेदार सुरेंद्र कुमार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है.कोटेदार पर राशन वितरण में अनियमितता, समय से राशन न देने और खाद्यान्न गबन के गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही उसका कोटा लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है.
बीते सितंबर माह में जिला प्रभारी मंत्री संजीव कुमार गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान शाहपुर के ग्रामीणों ने कोटेदार सुरेंद्र कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने बताया कि कोटेदार नियमित रूप से राशन नहीं देता और वितरण में गड़बड़ी करता है.
डीएम के आदेश पर कोटेदार की जांच के लिए उप जिलाधिकारी के निर्देशन में एक टीम गठित की गई. जांच टीम में पूर्ति निरीक्षक बरहनी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, और नायब तहसीलदार चित्रसेन शामिल थे.टीम ने तीन बार गांव में जाकर जांच की, लेकिन हर बार कोटेदार घर में ताला लगाकर फरार मिला.
अंततः बबुरी थाना पुलिस के सहयोग से कोटेदार की दुकान का ताला खोला गया और स्टॉक का मिलान किया गया.जांच में पाया गया कि कोटेदार ने दिसंबर माह में वितरित किए जाने वाले लगभग 150 क्विंटल राशन का गबन कर लिया है.
पूर्ति निरीक्षक गुलाम साबित ने कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया.साथ ही जिला प्रशासन ने कोटेदार का लाइसेंस निलंबित कर दिया.
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष विक्रम सिंह ने कहा कि डीएम के निर्देश पर राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले कोटेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है.अन्य कोटेदारों को भी समय से राशन वितरण सुनिश्चित करने और पारदर्शिता बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है.
इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में संतोष व्याप्त है.ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की यह सख्ती अन्य कोटेदारों को भी ईमानदारी से काम करने के लिए प्रेरित करेगी.जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और गड़बड़ी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.