ढाका में बांग्लादेश सचिवालय की एक प्रमुख इमारत में बुधवार को भीषण आग लग गई, अधिकारियों ने बताया कि आग से सरकारी दस्तावेज जलकर राख हो गए. ऐसी आशंका है कि सरकारी दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाने की मंशा से ही घटना को अंजाम दिया गया और इस संबंध में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है.
बांग्लादेश सचिवालय की इमारत संख्या 7 में आग लगी और करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. अधिकारियों के अनुसार, 9 मंजिला इमारत में 7 मंत्रालय मौजूद हैं. हालांकि, आग की घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
हादसा नहीं साजिश हो सकती है आग- अधिकारी
फायर ब्रिगेड सर्विस के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल जाहेद कमाल ने संवाददाताओं को बताया कि बुधवार की आधी रात के बाद इमारत में तीन स्थानों पर एक साथ आग लग गई.उन्होंने संकेत दिया कि आग हादसा नहीं साजिश हो सकती है. अधिकारियों ने बताया कि आग के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे इमारत के अलावा अन्य मंत्रालयों को भी अपना सामान्य कामकाज रोकना पड़ा जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर के अंदर एंट्री रोक दी, जिससे कई कर्मचारी परिसर में प्रवेश नहीं कर पाए.
Bangladesh secretarial building under fire. Reasons of massive fire yet unknown. peoples think it is the easiest way to vanish sensitive evidences . 🔥 pic.twitter.com/BwPmRx5UAR
— Sumon Kais (@sumonkais) December 25, 2024
उन्होंने बताया कि 7वें नंबर की इमारत की छठी, 7वीं और 8वीं मंजिल पर स्थित अधिकांश कमरे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि स्थानीय प्रशासन डाक और दूरसंचार मंत्रालयों के दस्तावेज और फर्नीचर जल गए.
एक अधिकारी ने इमारत का दौरा करने के बाद बताया, कि आग बुझाने के लिए इस्तेमाल किए गए पानी से भी कई दस्तावेजों को नुकसान पहुंचा. इमारत के कई हिस्सों में रहने वाले कबूतर मरे हुए पाये गए और खिड़कियां टूटी हुईं थीं.
अवामी लीग के भ्रष्टाचार से जुड़े कागज जले!
अंतरिम सरकार के सलाहकार आसिफ महमूद सजीब भुइयां ने कहा कि, साजिशकर्ताओं ने अपनी गतिविधियां बंद नहीं की हैं. उन्होंने कहा कि जिन दस्तावेजों को नुकसान पहुंचा है, उनमें आवामी लीग की सरकार के दौरान हुए लाखों डॉलर के भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले कागजात और सबूत शामिल हैं.
भुइयां ने कहा कि, ‘अगर कोई भी हमें (भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में) विफल करने में संलिप्त पाया गया तो उसे कार्रवाई से बचने का जरा सा भी मौका नहीं दिया जाएगा.
मामले की जांच के लिए समिति गठित
इस बीच मामले की जांच के लिए वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों वाली 7 सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है. एडिशनल सेक्रेटरी मोहम्मद खालिद रहीम की अध्यक्षता वाली इस समिति को 7 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है.