माओवादियों के ठिकाने से हथियारों का जखीरा बरामद, AK-47 और रॉकेट लॉन्चर तक मिले

बस्तर संभाग में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को नारायणपुर जिले में बड़ी उपलब्धि मिली है। अबूझमाड़ के दुर्गम जंगल-पहाड़ में माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने लाइट मशीनगन (एलएमजी), एके-47 (त्रिची), इंसास राइफल, सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), स्टेन गन, 51 मिमी मोर्टार, बीजीएल(बैरल ग्रेनेड लांचर), 9 मिमी पिस्टल, देशी कट्टा, 12 बोर बंदूक समेत 300 से अधिक हथियार व विस्फोटक सामग्री बरामद किए हैं।

मुठभेड़ थाना कोहकामेटा क्षेत्र के घने जंगलों में हुई, जब माओवादी कैडर पुलिस बलों को निशाना बनाने और हथियार लूटने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिससे माओवादी घायल होकर भाग निकले। घटना स्थल की सर्चिंग के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में हथियार, बम, डेटोनेटर और माओवादियों का दैनिक उपयोगी सामान बरामद हुआ। अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ में कई माओवादी के घायल होने की आशंका है।

जंगल में मिला हथियारों का जखीरा

आइजीपी सुंदरराज पी. ने बताया कि 24 अगस्त से डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड), एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और आइटीबीपी (इंडियन तिब्बतन बार्डर पुलिस) की संयुक्त टीम ने मूसलधार बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद कसोड़, कुमुराडी, माड़ोड़ा, खोड़पार और गट्टाकाल क्षेत्रों में गहन सर्चिंग अभियान चलाया। इसी दौरान माओवादियों का जंगल में छिपाया गया हथियारों का भारी जखीरा सुरक्षाबलों के हाथ लगा। 2025 में हुई सुरक्षा कार्रवाइयों से माओवादी संगठन बुरी तरह कमजोर हुआ है और अब उनके पास हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

क्या-क्या मिला

एक एलएमजी मय मैग्जीन, एक मोटार्र, एक असाल्ट रायफल, एक एसएलआर, एक इंसास रायफल मय मैग्जीन, एक स्टेन गन मय मैग्जीन, दो नौ मिमी पिस्टल, दो देशी कट्टा, 10 राउंड 315 का जिंदा कारतूस, आठ बीजीएल लांचर, चार 303 रायफल, चार 12 बोर बंदूक, आठ 12 बोर बैरल, 49 भरमार बंदूक, 23 बड़े बीजीएल सेल, 63 मध्यम बीजीएल सेल, 14 छोटे बीजीएल, आठ देशी हैंड ग्रेनेड, एक हैण्ड ग्रेनेड, आठ तीर बम ब्रोकन, दो बंडल कार्डेक्स वायर, 141 बंडल सेप्टी फ्युज समेत डेटोरेनेटर व अन्य सामग्री।

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