राजस्थान के डीडवाना – कुचामन जिले के लाडनूं से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जब मेघवाल समाज के श्मशान घाट पर हो रहे एक अंतिम संस्कार के दौरान ही बरसात आ गई.
बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना उपस्थित लोगों के लिए मुश्किल हो गया. तेज बरसात में जलती चिता को बरसात के पानी से बचाने के लिए परिजन और समाज जन लोहे की चद्दरें लेकर खड़े हो गए. चिता की तपिश से चद्दर बार-बार गर्म होती और उसे थामे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। श्मशान घाट पर टीन शेड नहीं होने के कारण लोगों को अत्यंत विषम परिस्थितियों में अंतिम संस्कार करना पड़ा.
वर्षों से उठती रही मांग, नहीं हुई सुनवाई
स्थानीय लोगों ने बताया कि श्मशान घाट पर टीन शेड की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस घटना ने एक बार फिर जिले में श्मशानों और कब्रिस्तानों की दुर्दशा उजागर कर दी.
जिला कलेक्टर की संवेदनशीलता, लिया बड़ा फैसला
डीडवाना–कुचामन जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत को मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए बड़ा निर्णय लिया.
कलेक्टर ने त्वरित फैसला लेते हुए ऐलान कर दिया की , जिले में जहां जरूरत है ,उन श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों पर टीन शेड निर्माण के लिए DMFT फंड से राशि उपलब्ध कराई जाएगी.
दो माह में होगा काम पूरा
कलेक्टर खड़गावत ने बताया कि अगले दो माह के भीतर जिलेभर में श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों में टीन शेड की सुविधा के साथ,जहां भूमि आवंटित नहीं उन क्षेत्रों में भूमि चिन्हित कर वहां भूमि आवंटित कर आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इस फैसले से अब लोगों को बरसात या भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार जैसी कठिन परिस्थितियों से नहीं गुजरना पड़ेगा.