छिंदवाड़ा : अमरवाड़ा अमरवाड़ा नगर के हृदय स्थल पर स्थित बहू प्राचीन सिद्ध पीठ जगत देव मातेश्वरी मंदिर में 872 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित की गई थी जिसमें माता रानी को नम आंखों से विदाई देने के लिए नगर के हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और माता को नम आंखों से विदाई दी आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत आने वाली विधानसभा अमरवाड़ा में यह बहूप्राचीन मंदिर है.
जिसमें हर साल मनोकामना ज्योति कलश स्थापित होती है इस बार 872 मनोकामना ज्योति कलश मंदिर में स्थापित की गई महिलाओं ने अपने सिर पर मनोकामना ज्योति कलश रखकर बैंड बाजो के साथ कलश शोभायात्रा निकाली वही जगतदेव मातेश्वरी मंदिर में स्थापित माँ जगत जननी की प्रतिमा को युवाओं ने अपने कंधो पर रखकर कुंडी तक पैदल ले गए यहां से विसर्जन स्थल ठेल नदी में मूर्ति का विसर्जन किया गया विसर्जन शोभा यात्रा में नगर के जनप्रतिनिधी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.
जगदेव बाबा का सिर अमरवाड़ा में तो धड़ महाराष्ट्र के अमरावती पर स्थित
अमरवाड़ा जगतदेव मातेश्वरी मंदिर के पुजारी के द्वारा बताया गया कि जगदेव मातेश्वरी मंदिर बहुत प्राचीन है और यहां पर चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र में मनोकामना ज्योतिष कलश स्थापित की जाती है बताया जाता है कि यहां पर स्थित जगतदेव बाबा का सिर अमरवाड़ा में है तो धड़ महाराष्ट्र के अमरावती पर स्थित है मंदीर के पुजारी द्वारा बताया गया कि जगत देव बाबा माता जी के बहुत बड़े भक्त थे इन्होंने अपना सर काटकर माता को दान किया था.
जैसे धानु भगत ने मां शारदा को अपना सर काट कर दे दिया था उसी प्रकार जगत देव बाबा ने मां भगवती को अपना सर काट कर दान किया था जिनका सर अमरवाड़ा और धड़ अमरावती पर स्थित है.
बाहर राज्यों से भी आते हैं माता के भक्त
मंदिर मे आये माता के भक्त मुकेश कैलाश डेहरिया ने बताया कि अमरवाड़ा पर स्थित जगतदेव मातेश्वरी मंदिर में अमरवाड़ा के ही नहीं बल्कि बाहर राज्यों से भी माता के भक्त मनोकामना ज्योति कलश स्थापित करने के लिए आते हैं मनोकामना ज्योति कलश मे हर साल वृद्धि होती है और माता सब की मनोकामना पूरी करती है.