आम्रपाली ग्रुप के मामले अनिश्चित काल तक नहीं चल सकते… सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली मामले को लेकर शुक्रवार को अहम टिप्पणी की. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि आम्रपाली समूह के मामले अनिश्चित काल तक नहीं चल सकते. जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और सतीष चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि अदालत 2017 से लंबित कार्यवाही को समाप्ता करने की उम्मीद कर रहा है क्योंकि इस मामले में पर्याप्त आदेश पर अमल हुआ है.

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कोर्ट ने रिसीवर की स्थिति रिपोर्ट पर जवाब मांगा है. अदालत ने घर खरीदारों और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से 1 हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा है. इसके अलावा अदालत मामले की सुनवाई के लिए 26 मार्च की तारीख भी तय कर दी है. कोर्ट रिसीवर ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि NBCC ने रुकी हुई आवासीय परियोजना में करीब 25000 फ्लैटों का निर्माण पूरा कर लिया है.

जवाब दाखिल करने को कहा

अदालत ने समय-समय पर आम्रपाली ग्रुप की विभिन्न परियोजनाओं में 45000 से अधिक फ्लैटों के परेशान घर खरीदारों की शिकायतों को दूर करने के लिए कई निर्देश और आदेश पारित किए हैं. पीठ ने घर खरीदारों की ओर से पेश वकील एमएल लाहोटी से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी, जिन्हें 2019 में शीर्ष अदालत द्वारा कोर्ट रिसीवर नियुक्त किया गया था और एनबीसीसी द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट पर एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में एनबीसीसी की ओर से पेश हुए वेंकटरमानी और वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे को घर खरीदारों और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जहां आम्रपाली की अधिकांश परियोजनाएं स्थित हैं, के जवाबों पर अपना जवाब दाखिल करने की अनुमति दी. वेंकटरमणी ने अन्य बातों के अलावा फ्लैटों के रजिस्ट्रेशन में आने वाली बाधाओं का भी जिक्र किया.

अवमानना कार्यवाही शुरू की थी

लाहोटी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों के लगभग 3000-4000 करोड़ रुपए हड़पने के लिए पूर्ववर्ती आम्रपाली समूह के पदाधिकारियों, जिसमें इसके सीएमडी अनिल शर्मा और अन्य निदेशक शामिल हैं, के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए अवमानना कार्यवाही शुरू की थी और पैसा वापस करने के निर्देश का पालन नहीं किया गया. पीठ ने कहा कि वह 26 मार्च को सुनवाई तय करते हुए विस्तृत आदेश पारित करेगी.

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