मध्य प्रदेश दमोह जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. जिले के नोहटा थाना क्षेत्र के दतला गांव में रहने वाली तीन वर्षीय मासूम बच्ची की सर्पदंश से मौत हो गई. यह हादसा शनिवार को उस समय हुआ, जब मृतका लवली कुशवाहा, पिता राजेश कुशवाहा उम्र मात्र 3 वर्ष, घर के बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते अचानक एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया. बच्ची की हालत बिगड़ती देख परिजन तुरंत उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे. लेकिन इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं और मासूम ने दम तोड़ दिया.
घटना की सूचना मिलते ही नोहटा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि लवली घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक सांप ने हमला कर लिया. परिजनों ने पहले स्थानीय स्तर पर झाड़-फूंक कराने की कोशिश की, लेकिन हालत गंभीर होने पर तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया. हालांकि डॉक्टरों की कोशिशें नाकाम रहीं और बच्ची की जिंदगी नहीं बच सकी.
गांव में इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है. हर किसी की आंखें नम हैं और लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं. तीन साल की मासूम बच्ची का यूं अचानक चले जाना पूरे गांव के लिए गहरा सदमा है.
विशेषज्ञ बताते हैं कि बरसात के मौसम में सांपों के निकलने की घटनाएं ज्यादा बढ़ जाती हैं. गांवों में यह खतरा और अधिक होता है क्योंकि बच्चे अक्सर घर के बाहर मिट्टी में खेलते रहते हैं. ऐसे में यदि समय पर सही इलाज न मिले तो सर्पदंश जानलेवा साबित हो सकता है.
पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति को सर्पदंश होता है तो झाड़-फूंक पर भरोसा न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल लेकर जाएं, ताकि सही इलाज समय पर मिल सके और जीवन बचाया जा सके.
दतला गांव की मासूम लवली कुशवाहा की यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि बरसात के मौसम में लापरवाही किसी की भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है. छोटे बच्चों की सुरक्षा और देखरेख के लिए ग्रामीणों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है.
दमोह जिले के दतला गांव में सर्पदंश से हुई मासूम की मौत ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ग्रामीण क्षेत्रों में समय रहते बेहतर इलाज उपलब्ध हो पा रहा है? और क्या लोग अब भी अंधविश्वास और झाड़-फूंक के भरोसे अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं? जरूरत है जागरूकता बढ़ाने की, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.