अयोध्या में बनेगा एक और भव्य राम मंदिर, माता कौशल्या की गोद में विराजेंगे रामलला

अयोध्या : रामनगरी में आस्था और भव्यता का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. राम जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर में रामलला की खड़ी मुद्रा में प्रतिष्ठा के बाद अब संत समाज एक और मंदिर के निर्माण की ओर अग्रसर है. प्रसिद्ध संत और चित्रकूट स्थित तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य अयोध्या में रामलला का एक और मंदिर बनवाने जा रहे हैं, जिसमें भगवान श्रीराम को माता कौशल्या की गोद में बाल रूप में प्रतिष्ठित किया जाएगा.

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रामलला के प्रति वात्सल्य भाव का प्रतीक होगा नया मंदिर

यह मंदिर अयोध्या में राम जन्म की महत्ता को और अधिक सुदृढ़ करेगा. माता कौशल्या की गोद में बालक राम की मूर्ति स्थापित करने का उद्देश्य भक्तों में वात्सल्य और भक्ति के भाव को और गहराई देना है. इस परियोजना के तहत रामभद्राचार्य ने जानकीघाट परिक्षेत्र में ढाई बीघा भूमि खरीदी है, जहां इस मंदिर का निर्माण किया जाएगा.

 

श्रीराम नवमी को होगा मंदिर का शिलान्यास

सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण के लिए शुभ मुहूर्त निकाला जा चुका है. आगामी 6 अप्रैल, रामनवमी के दिन, मंदिर का विधिवत शिलान्यास किया जाएगा. इस अवसर पर संत समाज और श्रद्धालुओं का विशाल समागम होने की संभावना है.

राम मंदिर आंदोलन से गहरा नाता

स्वामी रामभद्राचार्य वैष्णव परंपरा के शीर्षस्थ संतों में से एक हैं. राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने न्यायालय में रामलला के पक्ष में प्रामाणिक साक्ष्य प्रस्तुत किए थे, जिससे श्रीराम के ऐतिहासिक अस्तित्व को सिद्ध करने में सहायता मिली.

 

श्रद्धालुओं के लिए होगा एक और आस्था का केंद्र

राम जन्मभूमि पर रामलला के भव्य मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ रही करोड़ों की संख्या यह प्रमाणित करती है कि श्रद्धालु भगवान श्रीराम की भक्ति में पूरी तरह समर्पित हैं. अब माता कौशल्या की गोद में विराजमान रामलला का यह नया मंदिर अयोध्या की आध्यात्मिक गरिमा को और ऊंचा करेगा और राम भक्तों के लिए एक और आस्था का केंद्र बनेगा.

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