इतिहास रचने को तैयार अयोध्या : रामलला के जन्मोत्सव पर परंपरा और तकनीक का अद्भुत संगम

अयोध्या : 6 अप्रैल — प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है. रामनवमी के पावन अवसर पर शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं. इस बार का आयोजन परंपरा और आधुनिक तकनीक के मेल का जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है.

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ड्रोन से सरयू जल की बौछार

अयोध्या के जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने जानकारी दी कि रामनवमी के दिन सरयू नदी के पवित्र जल को ड्रोन के माध्यम से श्रद्धालुओं पर छिड़का जाएगा. यह कदम मां सरयू के प्रति श्रद्धालुओं की अपार आस्था को सम्मान देने और परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक अनूठा प्रयास है.

दीपों से जगमगाएगी अयोध्या

रामलला के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शहर भर में दो लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे. यह दीपोत्सव न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक अलौकिक दृश्य भी प्रस्तुत करेगा.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा राम कथा पार्क

राम कथा पार्क में नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों का भव्य आयोजन किया जाएगा. इसके साथ ही अष्टमी के दिन कनक भवन से लेकर राम कथा पार्क तक हेरिटेज वॉक निकाली जाएगी, जो रामायणकालीन संस्कृति और विरासत का जीवंत अनुभव प्रदान करेगी.

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। गर्मी से राहत देने के लिए शहरभर में पेयजल की व्यवस्था, ठंडे पानी के स्टॉल, स्वास्थ्य शिविर, शौचालय और भंडारों की व्यवस्था की गई है. प्रमुख मार्गों पर मैट बिछाकर उन पर नियमित जल छिड़काव किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को गर्म सतह से राहत मिलेगी.

मंदिर में दर्शन की अवधि बढ़ी

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने दर्शन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी और स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे.

स्थानीय संस्कृति और स्वाद का मेल

शहर के विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां स्थानीय व्यंजन और शिल्पकला की प्रदर्शनी लगेगी। सरस मेले में देशभर से आए कारीगर अपनी पारंपरिक कला और उत्पाद प्रस्तुत करेंगे, वहीं फर्नीचर मेला स्थानीय कारीगरों की अद्भुत शिल्पकला को मंच देगा.

साफ-सफाई और पर्यावरण का भी विशेष ध्यान

धर्मपथ, रामपथ, भक्ति पथ, आरती घाट जैसे प्रमुख मार्गों पर तीन चरणों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है. इसके अतिरिक्त 243 स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है और छायादार शिविर श्रद्धालुओं को विश्राम की सुविधा देंगे.

अयोध्या तैयार है स्वागत को

रामनवमी का यह आयोजन न केवल धार्मिक भावनाओं को गहराई देगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक दृष्टिकोण को भी एक नई पहचान देगा. अयोध्या एक बार फिर दुनिया को दिखाने जा रही है कि कैसे आस्था और तकनीक मिलकर श्रद्धा का उत्सव रच सकते हैं.

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