बहराइच: बागेश्वरी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, दर्शन से पूरी होती हैं मुरादें

 

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बहराइच : यूपी के बहराइच के रुपईडीहा के पास बार्डर पार बागेश्वरी देवी मंदिर नेपाल के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है. यह सदियों से आस्था और भक्ति का केंद्र रहा है. देशभर से हजारों भक्त हर साल मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर आते हैं. खासतौर पर नेपाल के सबसे बड़े त्योहार दशईं के दौरान.

ऐसी मान्यता है कि सती देवी की मृत्यु के बाद जब शिव उन्हें ले जा रहे थे तो उनकी जीभ इसी स्थान पर गिरी थी. मंदिर परिसर में मूंछ वाले भगवान शिव का भी दुर्लभ मंदिर है. पहले लोग अपनी इच्छा पूरी होने पर बागेश्वरी देवी मंदिर में बकरे की बलि चढ़ाते थे. अब रोक के चलते बलि के बकरे को काटने के बजाए उसे मंदिर परिसर में ही खुला छोड़ दिया जाता है.

यह मंदिर खड़ेश्वर मूंछ वाले महादेव की मानव आकार की खड़ी मूर्ति के लिए भी प्रसिद्ध है. यह मूर्ति मंदिर परिसर में बागेश्वरी तालाब के बीच में है. मंदिर क्षेत्र में भगवान बुद्ध, भगवान गणेश की मूर्ति के साथ सहित कई अन्य छोटे मंदिर भी हैं. मंदिर में दैनिक पूजा तांत्रिक और वैदिक विधियों से की जाती है.

मंदिर निर्माण के लिए बलरामपुर महाराज ने दी थी जमीन. बागेश्वरी देवी मंदिर नेपालगंज के मध्य में स्थित है, जो विकासशील मध्य-पश्चिम क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर है। ऐसा कहा जाता है कि जिस जमीन पर मंदिर बना है, वह बलरामपुर के महाराजा ने दी थी. उन्होंने बांके जिले के जानकी गांव के करमोहना में 87 बीघा जमीन दी थी.

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