बहराइच: पहले साहबजादे ताश की पत्ती पर दांव लगाते थे. अब भारतीय साहिबजादे सूरा-सुंदरी के चक्कर में पड़ोसी राज्य नेपाल में जाकर कसीनो गेम खेलते हैं. जानकारी के अनुसार, इसका नेटवर्क जरवल में तो फैला ही है. जरवल रोड कैसरगंज के अलावा जिले में भी इसका नेटवर्क है. जिससे धन्ना सेठ के साहबजादे नेपाल के इस जुआ के खेल में बुरी तरह फंस चुके हैं. सूत्रों का कहना है नौजवान पीढ़ी ऐसे जुए के खेल के लिए नेपाल जाकर महफूज जगह बना चुके हैं. जहां पर उन्हें सुरा-सुंदरी भी परोसी जाती है. साथ ही ध्रुमपान करने के लिए भी घर वालों का डर नहीं रहता.
वैसे सूत्रों का कहना है कि केवल जरवल कस्बा में लगभग एक दर्जन ऐसे बिगड़ैल साहबजादे हैं, जो पूरी तरह बिगड़ चुके हैं जो नेपाल जाकर जुवा ही नहीं वह सब अनैतिक कार्य भी करते हैं. जिन्हें कुछ होश ही नहीं. सूत्रों की माने तो पहले इस इलाके में ताश की पत्ती पर साहबजादे दांव लगाते थे. लेकिन अब जूए का मोबाइल पर से सट्टा फिर अब नेपाल में कसीनो के गेम पर उतर आए हैं.
उन्हें रोकने-टोकने वाला नहीं और ऐसे साहबजादे हर रोज नेपाल की सैर-सपाटा कर बाप-दादाओ की गाढ़ी कमाई को लूटा रहे हैं. वैसे लोगों का कहना है नेपाली नागरिक प्रवेश भी वर्जित है. जैसे भारतीय नवयुवक बुरी तरह उसकी चपेट में आ चुके हैं. सूत्र बता रहे हैं कि बिगड़ैल साहबजादे दोपहर बाद नेपाल के लिए निकलते हैं. जहां पर उनकी एंट्री हो जाती हैं. साथ ही सुरा और सुंदरी भी परोसी जाती है. जिसके लिए कोई रोक-टोक भी नहीं.