मध्य प्रदेश के सागर जिले के सत्यम रजक, जिन्हें हाल ही में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा में दिव्यांग कोटे से आबकारी सब इंस्पेक्टर के पद पर चयनित किया गया था, अब विवादों के घेरे में हैं. सत्यम ने इस परीक्षा में अपनी दृष्टिबाधितता का सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया था. लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके बाइक चलाते हुए कुछ फोटो वायरल होने के कारण उनके चयन पर सवाल खड़े हो गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
सत्यम रजक के सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद उज्जैन के रहने वाले एक युवक ने सिलेक्शन पर सवाल खड़े किए. उज्जैन जिले के महिदपुर रोड इलाके में रहने वाले प्रिंस यादव ने सत्यम रजक के सिलेक्शन को गलत बताते हुए मामले की जांच की मांग की है और सवाल उठाये है कि अगर सत्यम दृष्टिबाधित है तो उसका ड्राइविंग लइसेंस कैसे बना? और अगर उसकी आंख सही है और वो बाइक चला सकता है तो फिर उसका दृषिबधित का सर्टिफिकेट कैसे बना? अपनी शिकायत के साथ प्रिंस यादव ने सोशल मीडिया पर सत्यम रजक के बाइक चलाते हुए फोटो भी अटैच किये हैं.
सागर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को भेजे पत्र में प्रिंस यादव ने लिखा है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इन्दौर द्वारा दिनांक 18 जनवरी 2025 को राज्य सेवा परीक्षा 2022 का अंतिम रिजल्ट (चयन) सूची जारी किया गया है. उक्त चयन सूची में पद कोड क्र. 17 के सरल क्र.44 पर आवकारी उपनिरीक्षक के पद पर चयनित हुए अभ्यर्थी अनावेदक सत्यम रजक पिता मिहीलाल रजक जिला सागर (म.प्र.) के निवासी हैं. जिनका रोल नं. 112789 है. उक्त अभ्यर्थी दृष्टिबाधित विकलांग कोटे से चयनित हुए है.
जबकि आवकारी उपनिरीक्षक पद पर चयनित हुए अभ्यर्थी अनावेदक सत्यम रजक को दृष्टि संबंधी कोई समस्या नहीं है. सत्यन रजक दो पहिया तथा चार पहिया वाहन दिन तथा रात में बड़ी ही आसानी से चलाते हैं. वाहन चलाने के प्रमाण के रूप में सत्यम रजक द्वारा अपने सोशल मीडिया फेसबुक एकाउंट पर शेयर की गई नवीनतम विभिन्न तस्वीर संलग्न है. जिनमें सत्यम रजक को दो पहिया तथा चार पहिया वाहन चलाते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है. सत्यम रजक द्वारा अपना ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाया गया है.
सत्यम रजक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
सत्यम रजक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस 2017 में बना था उस समय वह स्वास्थ्य था और पुलिस कांस्टेबल, जेल पहरी की परीक्षा भी दी थी. लेकिन कोरोना आने के बाद आंखों की बीमारी हो गई, 2021 के बाद लगातार यह बढ़ती गई और 2023 में विकलांगता के लेबल पर पहुंच गई. इसलिए उन्होंने यह सर्टिफिकेट बनवाया था.
वाहन चलाने को लेकर जो आरोप लगाए हैं उस पर सत्यम का कहना है कि आंखों की बीमारी 2021 में हुई है उसके पहले 2017 में ड्राइविंग लाइसेंस बना था उस समय दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाता था. वाहन अभी भी चला सकता हूं लेकिन दूसरों की सुरक्षा के हिसाब से ड्राइविंग करना बंद कर दिया है. जो फोटो वायरल किया जा रहे हैं वह 2021 से पहले के हैं और जो जीप वाला फोटो है वह ग्राउंड में खड़ी जीप में बैठकर खिंचवाया है. सत्यम का कहना है कि किसी के द्वारा निजी स्वार्थ में इस तरह की शिकायत की गई है और कुछ नहीं है.