छत्तीसगढ़ की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रायपुर में बन रहे ‘कवर्धा सदन’ में जेल के कैदियों से मजदूरी कराई गई। उनका दावा है कि सजा काट रहा एक कैदी जेल से बाहर लाकर निर्माण कार्य में लगाया गया और वहीं से फरार हो गया।
बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक मुख्यमंत्री या उनके क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए सदन बनते रहे हैं, लेकिन पहली बार किसी मंत्री के लिए सदन का निर्माण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने अपने लिए ‘कवर्धा सदन’ बनवाना शुरू किया है और इसमें कैदियों को मजदूर की तरह काम कराया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाया और प्रशासन पर घटना को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि बिना अदालत की अनुमति के कैदी को जेल से बाहर किस अधिकार के तहत लाया गया? किसके आदेश से कैदियों से काम कराया गया? और जब कैदी फरार हो गया तो जिम्मेदारी किसकी है?
बघेल का कहना है कि यह साधारण घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही और षड्यंत्र का हिस्सा है। इसमें गृहमंत्री और जेल विभाग के अफसरों की सीधी संलिप्तता है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच सिर्फ प्रशासन या पुलिस से नहीं हो सकती। इसके लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।
पूर्व सीएम ने यह भी आरोप लगाया कि कैदी के फरार होने के बावजूद गृह मंत्री अब तक खामोश हैं और प्रशासन पूरे मामले को दबाने में जुटा है। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था और जेल प्रशासन पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
बघेल की इस मांग के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार इस आरोप पर क्या जवाब देती है और क्या न्यायिक जांच की मांग मान ली जाती है।