केदारनाथ यात्रा से पहले बड़ा खतरा! रुद्रप्रयाग में 12 खच्चरों में मिला खतरनाक वायरस, प्रशासन ने किया क्वारंटीन

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा से पहले 12 खच्चरों में H3N8 इन्फ्लूएंजा वायरस पाया गया है. यह वायरस खच्चरों की नियमित मेडिकल जांच के दौरान सामने आया, जिसमें 300 खच्चरों के सैंपल लिए गए थे. वायरस की पुष्टि होने के बाद खच्चरों को क्वारंटीन में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके.

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बता दें कि हर साल करीब 20,000 खच्चर संचालक केदारनाथ यात्रा में लगाए जाते हैं. इस बार यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन ने सभी खच्चरों और उनके संचालकों की पंजीकरण और मेडिकल जांच की प्रक्रिया शुरू की थी. इसी के तहत जब जांच की गई तो 12 खच्चर संक्रमित मिले. संक्रमण की पुष्टि होते ही प्रशासन ने सभी संक्रमित खच्चरों को क्वारंटीन कर दिया.

राज्य के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देशों पर तुरंत क्वारंटीन सेंटर तैयार किया गया, जहां संक्रमित खच्चरों का इलाज किया जा रहा है. राहत की बात यह है कि संक्रमित खच्चर ठीक हो रहे हैं और उन्हें बाकी स्वस्थ जानवरों से अलग रखा गया है, ताकि वायरस फैल न सके.

इस वायरस के फैलाव को रोकने के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) मुक्केश्वर की विशेषज्ञ टीम भी प्रशासन की मदद कर रही है. वैज्ञानिक और डॉक्टर संक्रमण के स्रोत और प्रसार के तरीकों की स्टडी कर रहे हैं, ताकि आगे के कदम उठाए जा सकें.

H3N8 इन्फ्लूएंजा वायरस मुख्य रूप से घोड़ों, कुत्तों और पक्षियों में पाया जाता है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह मनुष्यों में भी फैल सकता है. हालांकि, फिलहाल इस वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर सतर्कता बढ़ा दी है.

केदारनाथ यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए प्रशासन पूरी तरह चौकसी बरत रहा है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संक्रमित खच्चर को यात्रा में शामिल नहीं किया जाएगा और हर कदम पर जांच की जाएगी.

प्रशासन ने यात्रियों और खच्चर संचालकों से सतर्क रहने, स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना देने की अपील की है. इस स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके.

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