समस्तीपुर: बिहार में बहार है फिर भी नीतीशे कुमार हैं, जी हां ये कहावत सही साबित हो रही हैं. एक ओर सरकार के निर्देश पर शिवर का आयोजन की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर शिविर छोड़कर गायब हैं कर्मचारी. भूस्वामी जमाबंदी पंजी लेकर दर-दर भटक रहे हैं. यह हाल है समस्तीपुर सदर अंचल का, जहां राज्य सरकार के महा-राजस्व अभियान के तहत अंचल कार्यालय पर जमाबंदी पंजी सुधार हेतु शिविर लगाया गया है. शिविर में कर्मचारी को प्रभारी बनाया गया है. 19 अगस्त से 20 सितंबर तक शिविर लगाने का सरकार का स्पष्ट निर्देश है. समस्तीपुर सदर अंचल नगर परिषद क्षेत्र के लिए कर्मचारी गोविंद घटवार के प्रभार में शिविर लगाया भी गया. लेकिन 29 अगस्त से बगैर सूचना का शिविर में तालाबंद कर कर्मचारी फरार हो गये.
जमाबंदी पंजी भरकर भूस्वामी अंचल पर इस कमरे से उस कमरे का चक्कर लगा रहे हैं. कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है. काशीपुर के भूस्वामी इंटर विद्यालय के शिक्षक जीतेंद्र कुमार ने बताया कि वे शनिवार को छुट्टी लेकर जमाबंदी पंजी जमा करने अंचल पर आये थे, लेकिन शिविरनुमा कमरे में तालाबंद है. पूछने पर संबंधित कर्मचारी का नंबर देकर बात कर लेने को बोला गया, जबकि फोन करने पर वे फोन नहीं उठाये. विवेक-विहार मुहल्ला की गृहिणी नीलम देवी ने बताया कि 10.30 बजे से दोपहर तक पंजी जमा करने की कोशिश में लगी हूं, लेकिन कोई जमा लेने को तैयार नहीं है. अंबेडकरनगर के शोभा देवी गोद में छोटी बच्ची को लेकर पंजी जमा करने के लिए परेशान दिखी. पूछे जाने पर बताईं कि पति बाहर कमाने गये हुए हैं. सबको देखकर मैं भी पंजी जमा करने दो दिनों से आ रही हूं, लेकिन कोई जमा लेने को तैयार नहीं है.
लोगों की शिकायत पर भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह अंचल पर पहुंचकर वस्तु-स्थिति की जानकारी लेने के उपरांत बताया कि सीओ आफिस में नहीं थी. बड़ा बाबू से पूछे तो उन्होंने नगर परिषद के शिविर प्रभारी गोविंद घटवार का मोबाइल नंबर देकर बात करने को कहा. माले नेता द्वारा फोन करने पर घटवार ने बताया कि वे क्षेत्र में पंजी बांट रहे हैं, अब 11-12 सितंबर को शिविर चालू होगा तो उसमें पंजी जमा कीजिएगा.
कर्मचारी के फेंक-फेकौअल पर भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि करीब 80 प्रतिशत भूस्वामी का ऑनलाइन पंजी में खाता, खेसरा, चौहद्दी का काॅलम खाली छोड़ दिया गया है. अन्य गड़बड़ियां हैं. पंजी वितरण में धांधली बरती जा रही है. किसी का पंजी कोई ले लेता है. किसी को पंजी मिलता भी नहीं है. जबकी इस अभियान के तहत पंजी घर-घर पहुंचाना था लेकिन एक ओर पंजी प्राप्त करने को लोग परेशान हैं तो दूसरी ओर पंजी भरकर जमा करना असंभव सा हो गया है.
उन्होंने जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि कर्मचारियों द्वारा साईड से ले-देकर पंजी जमा लेने की चर्चा है. इसकी जांच कर नियमित शिविर के माध्यम से पंजी जमा लेने, घर-घर पंजी पहुंचाने की गारंटी करने की मांग अन्यथा आंदोलन चलाने की घोषणा की है.