इनोवेशन और रिसर्च से विज्ञान को नई दिशा देने वाली बिलासपुर की बेटियां होंगी सम्मानित!

विज्ञान के क्षेत्र में प्रभावी पढ़ाने के तरीके, इनोवेशन और रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालीं 15 लेक्चरर्स का 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर सम्मान किया जाएगा। इसके अलावा 14 पुरुष व्याख्याताओं ने भी विज्ञान में बेहतर काम किया है। इन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।

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28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारतीय विज्ञानी चंद्रशेखर वेंकट रमन को याद किया जाता है। इस बार जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

उसलापुर के श्री पदाक्षी ग्लोब स्कूल में 28 फरवरी की सुबह 10:30 बजे कार्यक्रम होगा। इसमें विज्ञान के क्षेत्र में प्रभावी अध्यापन, इनोनेशन, रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 31 लेक्चरर्स को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है।

बच्चों को दी जाएगी रमन प्रभाव की जानकारी

इसमें सबसे अधिक 15 व्याख्याता महिलाएं हैं, जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर काम किया है। कार्यक्रम के दौरान इन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। गौरतलब है कि बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए हर साल यह दिवस धूमधाम से मनाया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रसिद्ध भौतिक शास्त्र के विज्ञानी सर चंद्रशेखर वेंकट रमन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है। इस दिन बच्चों को उनके रमन प्रभाव की खोज और विज्ञान के विकास में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी जाएगी।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर पुरस्कृत होने वाले व्याख्याता

बिल्हा: विनोद व्यास, रिचा तिवारी, डॉ. प्रवीण मिश्रा, पदमिनी चंद्राकर, डॉ. धनंजय पांडेय, पदमा द्विवेदी, कामना पांडेय, पूजा दुबे, सुनील शर्मा, मधु जायसवाल, अंकिता प्रिया श्रीवास्तव, मनोज कुमार यादव, सुष्मिता पांडेय।

कोटा: कुमार गौरव गुप्ता, सुशील कुमार पटेल, मीतेश कुमार नेमा, सुशीला मौर्य, महेंद्र सिंह राजपूत।

तखतपुर: गोपी वल्लभ दुबे, सूर्य प्रकाश सोनी, डॉ. आरपी कश्यप, डॉ. रश्मी सिंह ध्रुव, चेतना सिंह ठाकुर, सजल चक्रवर्ती, अनिता वर्मा, संगीता महिपाल।

मस्तूरी: डॉ. सुरभि पांडेय, शुभ्ररानी चतुर्वेदी, नीता वर्मा, दिलीप कुमार साहू, आरती कश्यप।

इसलिए हर साल मनाते हैं विज्ञान दिवस

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को मनाया जाता है, ताकि भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व को बढ़ावा दिया जा सके। इस दिन को मनाने का मुख्य कारण है 28 फरवरी 1930 को भारतीय वैज्ञानिक सीवी रमण ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की थी।

इसके लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला था। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का उद्देश्य लोगों में विज्ञान के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ाना है, ताकि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिले और नवाचार, अनुसंधान और विकास में सुधार हो।

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