गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिला पुलिस ने राजारानी ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सट्टा के मास्टरमाइंड को धर दबोचा है. पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे महादेव एप की तरह ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मास्टरमाइंड मधुर जैन को आखिरकार गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर लिया. पेंड्रा के जैन मोहल्ले का रहने वाला आरोपी मधुर जैन और उसके सहयोगियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर क्रिकेट मैचों पर सट्टा चलाने का संगठित अपराध किया था. मधुर जैन ने अपने साथियों प्रकाश केवट, हर्ष जायसवाल, रितेश सुल्तानिया, योगेश देवांगन, विनायक ताम्रकार, अजय यादव, जितेंद्र सोनवानी, राजकुमार कश्यप, राहुल कोरी, और अनुराग सोनी के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाया.
सट्टेबाजी के लिए फर्जी वेबसाइट ‘‘राजारानीबुक‘‘ तैयार की गई और पिक्स आर्ट ऐप के जरिए आकर्षक पोस्टर बनाकर टेलीग्राम और इंन्स्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाले गए. पुलिस ने 14 मई 2024 को दिल्ली और लखनऊ के बीच चल रहे क्रिकेट मैच के दौरान छपराटोला, पेंड्रा में छापा मारकर गिरोह के सदस्य प्रकाश और हर्ष जायसवाल को गिरफ्तार किया था.
मुख्य आरोपी मधुर जैन और उसका साथी रितेश सुल्तानिया तब से फरार चल रहे थे. लंबे समय से पुलिस की निगरानी में रहने के बाद मधुर जैन को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपने अपराध कबूल किए और गिरोह की संपूर्ण गतिविधियों का खुलासा किया. एसपी भावना गुप्ता ने बतलाया कि मधुर जैन ने स्वीकार किया कि उसने और उसके साथियों ने फर्जी दस्तावेजों और सिम कार्ड का उपयोग कर ऑनलाइन सट्टा चलाया. उसने स्काईएक्सचेंज.कॉम जैसी बेटिंग साइट पर मास्टर आईडी बनाकर गिरोह का संचालन किया. ऑनलाइन सट्टा लेन-देन के लिए फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड खरीदे गए. आरोपियों के पास से अब तक हजारों सिम भी बरामद किये है साथ ही कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है जबकि सिम सप्लाई करने वालों और बेनामी खातों को किराये पर देने वालों को भी पुलिस पहले ही गिरफतार कर चुकी है.
आरोपियों पर छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 06, 07, 08 और भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120बी, 465, 467, 468, 471 और आईटी एक्ट की धारा 66सी, 66डी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है. ‘पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता’ ने बताया कि गिरोह के सभी अन्य सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं. मास्टरमाइंड मधुर जैन की गिरफ्तारी के बाद अब पूरे मामले का पर्दाफाश हो चुका है.
वहीं फिलहाल यह एप प्रायमरी स्टेज पर था जोकि फिलहाल फेसबुक पेज के जरिये अपनी लोकप्रियता बनाकर लोगों को आकर्षित कर रहा था इसके बाद आरोपी इसे बड़े पैमाने पर लॉंच करने की कोशिश में थे इसके पहले जिले की पुलिस की गिरफत में ये आ गये। वहीं इस कार्यवाही में शामिल पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किये जाने की घोषणा एसपी ने किया है..