कलेक्टर रोहित व्यास और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत करदना में किसानों के द्वारा की जा रही सेब और नाशपाती की खेती का अवलोकन किया. साथ ही, किसानों से फसल के संबंध में जानकारी ली. कलेक्टर ने किसानों को शासन की सभी महत्वपूर्ण योजना का लाभ देने के भी निर्देश दिए.
जिला प्रशासन और नाबार्ड द्वारा किसानों फलों की खेती के प्रति भी प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि किसानों को अन्य फसलों से भी अच्छी आमदनी हो सके.
उल्लेखनीय है कि मनोरा विकासखंड के ग्राम करदना, छितौनी, शैला, धसमा, घाघरा, सरवा में लगभग 208 किसान लगभग एक एकड़ में सेब और नाशपाती की खेती कर रहे हैं. किसानों द्वारा अन्य फसल अन्तरवर्तीय फसल भी लिया जाता है. इसमें किसानों द्वारा हल्दी, अदरक, धनिया, मेथी, टमाटर,रामतिल की भी फसल ली जाती है. नाबार्ड और रीड्स के राजेश गुप्ता ने बताया कि मनोरा विकास खंड में कुल 208 किसान सेब और नाशपाती की खेती कर रहे हैं. प्रथम चरण में 100 किसानों ने सेब लगाया और दूसरे चरण में 108 किसानों ने सेब और नाशपाती लगाई है.
सेब की खेती के लिए ठंडी जलवायु वाले क्षेत्र की आवश्यकता होती है, जहां सेब के पेड़ अच्छी तरह से फलते हैं. सेब की खेती के लिए ठंडी जलवायु जिसमें सर्दियों में ठंडी और गर्मियों में मध्यम तापमान हो इसी प्रकार सेब की खेती के लिए मिट्टी में अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सेब की खेती के लिए सबसे उपयुक्त होती है.