डिंडोरी :– मध्यप्रदेश में कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने और नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों को सेवा में वरिष्ठता का लाभ देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम डिंडोरी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन (NMOPS INDIA) के राष्ट्रीय आह्वान के तहत चार प्रमुख बिंदुओं को उठाया गया.
मांगों के मुख्य बिंदपुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
कर्मचारियों और अधिकारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश में सभी राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत आने वाले शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिया जाए. विशेष रूप से नवीन शैक्षणिक संवर्ग (अध्यापक संवर्ग) के शिक्षकों को उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से ही सेवा में वरिष्ठता प्रदान की जाए, ताकि उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नगदीकरण जैसी सुविधाएं मिल सकें.
NPS को समाप्त करने की मांग
- ज्ञापन में यह उल्लेख किया गया कि राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन यापन के लिए उपयुक्त नहीं है. इस योजना में मिलने वाली पेंशन राशि इतनी कम होती है कि वह जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं होती. इसलिए इसे जल्द से जल्द समाप्त किया जाए और पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू किया जाए.
- यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विरोध
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को भी कर्मचारियों के लिए हानिकारक बताया गया. ज्ञापन में कहा गया कि यह योजना “NPS” से भी अधिक खतरनाक प्रतीत होती है क्योंकि:- इसमें कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति उपरांत सामाजिक सुरक्षा की कोई ठोस गारंटी नहीं दी गई है.
- NPS के तहत किए गए अंशदान की कटौती की राशि वापसी योग्य नहीं है.
- सेवा में रहते हुए कर्मचारी की मृत्यु होने पर पारिवारिक पेंशन का प्रावधान भी अस्पष्ट एवं विवादास्पद है.
इसलिए कर्मचारियों और अधिकारियों ने UPS को लागू न करने की मांग की.
- परिवार के लिए पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था
केंद्र सरकार की तरह ही मध्यप्रदेश में भी यह प्रावधान लागू किया जाए कि यदि किसी NPS धारक कर्मचारी या अधिकारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को पुरानी पेंशन योजना के समान पारिवारिक पेंशन का लाभ दिया जाए. साथ ही, 2005 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाया जाए, जिससे उनके सेवानिवृत्ति उपरांत जीवन सुरक्षित हो सके.
आंदोलन की रणनीति और कर्मचारियों की चेतावनी
शिक्षकों और कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इस विषय पर निर्णय लेने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की अपील की.
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में सरकार को कड़ा संदेश दिया. अब देखना यह होगा कि सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है.