डूंगरपुर: उड़ीसा में संपन्न हुई जनजाति कल्याण समिति की तीन दिवसीय बैठक, विधायक शंकरलाल डेचा ने रखा वागड़ क्षेत्र के आदिवासियों का पक्ष

डूंगरपुर: जिले के सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक शंकरलाल डेचा ने बताया कि संपूर्ण भारत जनजाति कल्याण समिति की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक उड़ीसा में सफलतापूर्वक संपन्न हुई. इस बैठक में देश भर से आए प्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज की प्रगति और कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की.

बैठक का शुभारंभ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के करकमलों से हुआ तथा कार्यक्रम में उड़ीसा के महामहिम राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने भी अपने विचार साझा किए. इस अवसर पर विधायक शंकरलाल डेचा ने वागड़ क्षेत्र के आदिवासी समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे समिति के समक्ष रखे. उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा के स्तर को और मजबूत बनाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन हेतु उद्योग-धंधे स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया.

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को “जनजाति गौरव दिवस” के रूप में मनाना और धरती अंबा योजना जैसे प्रयास आदिवासी क्षेत्र के विकास के नए आयाम हैं. साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिस प्रकार अनुसूचित जाति में धर्म परिवर्तन करने वालों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलता, उसी प्रकार अनुसूचित जनजाति में भी धर्म परिवर्तन करने पर आरक्षण का लाभ समाप्त होना चाहिए.

बैठक में सभापति फूलसिंह मीना (विधायक, उदयपुर ग्रामीण) ने टीएसपी (Tribal Sub Plan) के विस्तार के बावजूद विभिन्न भर्तियों में पर्याप्त पद न बढ़ाए जाने पर चिंता व्यक्त की. इस राष्ट्रीय बैठक में संपूर्ण भारत के विभिन्न राज्यों से जनजाति कल्याण समिति के सदस्य शामिल हुए और तीन दिनों तक जनजाति समाज के उत्थान हेतु विस्तृत परिचर्चा की.

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