लोकसभा में संविधान पर चर्चा का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन संविधान पर चर्चा की शुरुआत करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि संविधान गौरवशाली अतीत का प्रतिबिंब है. इस दौरान उन्होंने कहा कि, बाबासाहेब के विचारों को समझना जरूरी है साथ ही कहा कि संविधान ने अधिकार के साथ दायित्व भी सौंपा. संविधान के एक-एक शब्द प्रेरणादायी है. समानता संविधान की आत्मा जैसा है.
‘अल्पसंख्यक यहां सुरक्षित नहीं, ये कहना गलत’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस की सरकार हो या हमारी सरकार सबने अपने तरीके से काम किया है. मगर अल्पसंख्यक यहां सुरक्षित नहीं है, ये कहना गलत है. रिजिजू ने कहा कि देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं तभी तो लोग यहां आते हैं. अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर सीमावर्ती क्षेत्रों पर अनदेखी का आरोप लगाया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान मेरा गांव दो हफ्ते तक चीनी नियंत्रण में था.
कांग्रेस पर लगाया सीमावर्ती क्षेत्रों पर उपेक्षा का आरोप
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया. रिजिजू ने कहा, “कांग्रेस की नीति सीमा क्षेत्रों में सड़कें न बनाने की थी. उनकी सोच थी कि अगर सड़कें बनेंगी, तो चीनी सेना उन्हीं सड़कों से आकर हमारी जमीन पर कब्जा कर लेगी.” उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा, “उस समय मेरा गांव दो सप्ताह तक चीनी नियंत्रण में था. कांग्रेस ने हमारे लिए सड़कें नहीं बनाईं, खासतौर पर नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के लिए बिल्कुल नहीं.” रिजिजू ने बताया कि उन्होंने एक ऐसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ने का फैसला किया जो राष्ट्रवादी हो और भारत की हर इंच जमीन की रक्षा करने का साहस रखती हो.
पीएम रहे नेहरू की आरक्षण के प्रति सोच पर सवाल उठाए
वहीं, लोकसभा में भारतीय संविधान की 75 वर्षों की यात्रा पर हो रही चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पंडित जवाहरलाल नेहरू की दलितों और आरक्षण के प्रति सोच पर सवाल उठाए. रिजिजू ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा, “अंबेडकर ने कहा था कि पंडित नेहरू ने पिछले 20 वर्षों में 2000 भाषण दिए, लेकिन एक बार भी अनुसूचित जातियों के कल्याण के बारे में बात नहीं की.”
रिजिजू ने आगे कहा, “इससे समझा जा सकता है कि कांग्रेस पार्टी को हमारे लोगों के प्रति कितनी सहानुभूति है. नेहरू ने हमेशा मुसलमानों के लिए बात की, लेकिन दलितों के लिए नहीं.” उन्होंने यह भी कहा कि पंडित नेहरू आरक्षण को एक अस्थायी उपाय मानते थे. रिजिजू ने जोर देते हुए कहा, “संविधान पर चर्चा करते समय अंबेडकर की सोच और उनके योगदान की बात करना जरूरी है.”